Delhi News: साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत, दिल्ली पुलिस ने 2.32 करोड़ रुपये की बहाली के लिए भेजे अनुरोध

Delhi News: दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने की दिशा में बड़ी प्रगति दर्ज की है। MRM की पेंडेंसी करीब 90 प्रतिशत से घटकर 13.60 प्रतिशत, जबकि GRM की लंबित मामलों की दर 16.30 प्रतिशत रह गई है। वहीं, MRM के जरिए अब तक साइबर ठगी के पीड़ितों की करीब 2.32 करोड़ रुपये की रकम बहाली के अनुरोध भेजे जा चुके हैं।

Delhi News: साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) और ग्रीवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म (GRM) के लंबित मामलों के निपटारे में बड़ी प्रगति की है। करीब एक महीने पहले लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंची MRM की पेंडेंसी अब घटकर 13.60 प्रतिशत रह गई है। वहीं GRM की पेंडेंसी भी करीब 90 प्रतिशत से घटकर 16.30 प्रतिशत हो गई है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि MRM पोर्टल के जरिए अब तक साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए करीब 2.32 करोड़ रुपये की रकम बहाल करने के अनुरोध भेजे जा चुके हैं। मार्च 2026 की शुरुआत में यह रकम महज 3.26 लाख रुपये थी। इसके बाद अप्रैल में यह 10.80 लाख, जुलाई में 36 लाख और 18 सितंबर तक बढ़कर 232.13 लाख रुपये यानी करीब 2.32 करोड़ रुपये हो गई।

Delhi Police Cyber Fraud

साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत

क्या है MRM और GRM?

Money Restoration Module यानी MRM, इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की पहल है। इसके जरिए साइबर ठगी की शिकायत के बाद बैंक खातों में होल्ड या रोकी गई रकम को नियमों के मुताबिक पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। यह प्रक्रिया नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज मामलों और गृह मंत्रालय की SOP के तहत की जाती है। वहीं GRM यानी Grievance Redressal Mechanism उन खाताधारकों की शिकायतों के निपटारे में मदद करता है, जिनके बैंक खाते साइबर अपराध की जांच के दौरान फ्रीज, होल्ड या लियन मार्क किए गए हैं।

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