Delhi News: दिल्ली पुलिस को बुधवार को लाल किले के पीछे दिल्ली चलो पार्क के पास एक काली हुंडई कार संदिग्ध हालत में खड़ी दिखी। कोतवाली थाना टीम को गश्त के दौरान यह कार नजर आई, जिसके अंदर दो लोग बैठे थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। जिसमें एक की पहचान पुलवामान निवासी मुदस्सर के तौर पर हुई और दूसरा नाबालिग लड़का था। मुदस्सर ने खुद को एनआईए अधिकारी बताते हुए एक आईडी भी दिखाई।
सांकेतिक फोटो
पुलिस को दी फर्जी NIA आईडी
पुलिस को मुदस्सर का आई कार्ड पहली नजर में ही संदिग्ध लगा। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह पहचान पत्र फर्जी था। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। देर शाम तक दोनों से स्पेशल सेल, आईबी और एनआईए की टीम ने संयुक्त रूप से पूछताछ की। संयुक्त पूछताछ रिपोर्ट (JIR) के आधार पर सामने आया कि आरोपी मुदस्सिर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाकर उनसे ठगी करता था। वह लोगों को दिल्ली में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलता था। आरोपी ने नाबालिग लड़के के परिवार को भी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। उसने लड़के के परिवार से एडवांस रकम ली था और उसे अपने साथ लेकर दिल्ली आया था।
आरोपी फर्जी अधिकारी बनकर करता था ठगी
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी मुदस्सर का अपना गैराज है, लेकिन वह अभी घाटे में चल रहा है। वह फर्जी पहचान पत्र दिखाकर खुद को अधिकारी बताता था और लोगों को नौकरी दिलाने के बहाने ठग रहा था। जांच में कार का रजिस्ट्रेशन भी खत्म पाया गया। इस 15 साल पुरानी कार को उसने जम्मू कश्मीर से खरीदा था। वहीं 16 वर्षीय नाबालिग के बारे में पता चला है कि उसका परिवार पुलवामा में रहता है। आरोपी ने उसके परिवार को नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था और नाबालिग को अपने साथ दिल्ली लाया था। पुलिस ने इस मामले में थाना कोतवाली में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) और 339 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।
