दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने करीब 3.93 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने, कैश निकालने और फिर हवाला के जरिए क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदलने के नेटवर्क का पता चला है। इस मामले में पुलिस ने 45 चेकबुक, 25 बैंक पासबुक, 45 ATM कार्ड और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्रतीकात्मक फोटो
पुलिस के मुताबिक, यह मामला प्रिंस बंसल की शिकायत पर दर्ज किया गया था। प्रिंस बंसल NBFC और लोन से जुड़े काम करते हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 5 अक्टूबर 2026 को उनके बैंक खाते से बिना जानकारी और अनुमति के 149 ट्रांजैक्शन हुए। इन ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से करीब 3 करोड़ 93 लाख 59 हजार रुपये निकाल लिए गए।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच की और उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की, जिनके खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान टीम ने राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर और दूसरे इलाकों में जाकर करीब सात दिनों तक छानबीन की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए कर रहे थे। ऐसे खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। इन खातों में रकम ट्रांसफर करने के बाद कुछ आरोपी कैश निकालकर दूसरे लोगों को सौंप देते थे। इस तरीके से पैसों के असली स्रोत और उन्हें हासिल करने वालों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
जांच में ब्रिज लाल नाम के आरोपी की भूमिका अहम बताई गई है
जांच में ब्रिज लाल नाम के आरोपी की भूमिका अहम बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, वह कथित तौर पर म्यूल बैंक खातों के जरिए रकम हासिल करता था और फिर कैश निकालकर उसे आगे पहुंचाता था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह ‘U Home’ नाम के विदेशी मनी एक्सचेंज ऐप से जुड़ा था। पुलिस को शक है कि हवाला नेटवर्क की मदद से ठगी की रकम को USDT में बदला जाता था।
यह मामला करीब 95 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है
पुलिस के मुताबिक, ब्रिज लाल दिल्ली में दर्ज साइबर ठगी के एक अन्य मामले में भी वांछित था। यह मामला करीब 95 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा बताया गया है। इस मामले में भी उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस अब दोनों मामलों के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्रिज लाल, पीयूष तलानिया, विपिन चंवरिया, सुनील, विक्रम, राकेश बहादुर और हेमंत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई आरोपी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर और फलोदी के रहने वाले हैं।
जांच में आरोप है कि पीयूष तलानिया के बैंक खाते से 9.50 लाख रुपये निकाले गए और ब्रिज लाल को दिए गए। वहीं, विपिन चंवरिया पर भी ब्रिज लाल के कहने पर सात लाख रुपये निकालकर उसे सौंपने का आरोप है। बाकी आरोपियों की भूमिका कथित तौर पर बैंक खाते उपलब्ध कराने और पैसों के लेन-देन में मदद करने से जुड़ी है। पुलिस इन सभी की भूमिका की आगे जांच कर रही है।
45 ATM कार्ड और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के पास से 45 चेकबुक, 25 बैंक पासबुक, 45 ATM कार्ड और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस इन सामानों और मोबाइल फोन में मौजूद डेटा की जांच कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां विदेशी मनी एक्सचेंज ऐप, हवाला नेटवर्क और USDT के जरिए रकम ट्रांसफर किए जाने के संभावित कनेक्शन खंगाल रही हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने बैंकिंग पासवर्ड और दूसरी गोपनीय जानकारियां सुरक्षित रखें। खाते में कोई भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखने पर तुरंत बैंक और साइबर क्राइम हेल्पलाइन को इसकी सूचना दें।
