Electric Vehicle Registration: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में आई गिरावट का मुख्य कारण सरकारी सब्सिडी का बंद होना है। जुलाई 2023 में जहां कुल वाहन पंजीकरण की संख्या 67,000 तक पहुंच गई, वहीं इनमें केवल 3,400 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल थे। परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सरकार ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) खरीदने वालों को सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन नहीं देती, तब तक पंजीकरण में सुधार की संभावना नहीं है।
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में गिरावट (सांकेतिक फोटो: Canva)
जनवरी 2024 से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों पर दी जा रही सब्सिडी पूरी तरह समाप्त कर दी गई थी। आम आदमी पार्टी की सरकार के अंतिम वर्ष में भी लगभग कोई सब्सिडी नहीं दी गई। फरवरी 2025 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सब्सिडी फिर से लागू होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि भाजपा सरकार ने आप की बनाई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को 31 मार्च 2026 तक आगे बढ़ा दिया है, लेकिन सब्सिडी के मुद्दे पर अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस वजह से 2022-23 के दौरान जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में वृद्धि देखी गई थी, वहीं 2024 से इसमें लगातार गिरावट आ रही है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी आम उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर हैं। हाइब्रिड कारों पर भी किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी गई है, जिसके चलते कई लोग उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अपनी हाइब्रिड कारों का पंजीकरण करवा रहे हैं। इससे न सिर्फ दिल्ली के राजस्व को नुकसान हो रहा है।
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