EV सब्सिडी बंद होने से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में भारी गिरावट, सरकार से बढ़ी लोगों की नाराजगी

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसका मुख्य कारण सब्सिडी का बंद होना है। जनवरी 2024 से ईवी पर दी जा रही सरकारी सहायता पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इससे न केवल पंजीकरण घटा है, बल्कि दिल्ली को राजस्व नुकसान का भी सामना करना पड़ रहा है।

Electric Vehicle Registration: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में आई गिरावट का मुख्य कारण सरकारी सब्सिडी का बंद होना है। जुलाई 2023 में जहां कुल वाहन पंजीकरण की संख्या 67,000 तक पहुंच गई, वहीं इनमें केवल 3,400 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल थे। परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सरकार ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) खरीदने वालों को सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन नहीं देती, तब तक पंजीकरण में सुधार की संभावना नहीं है।

Decline in EV Registrations in Delhi (Representative Photo: Canva)

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में गिरावट (सांकेतिक फोटो: Canva)

जनवरी 2024 से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों पर दी जा रही सब्सिडी पूरी तरह समाप्त कर दी गई थी। आम आदमी पार्टी की सरकार के अंतिम वर्ष में भी लगभग कोई सब्सिडी नहीं दी गई। फरवरी 2025 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सब्सिडी फिर से लागू होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि भाजपा सरकार ने आप की बनाई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को 31 मार्च 2026 तक आगे बढ़ा दिया है, लेकिन सब्सिडी के मुद्दे पर अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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