12 सालों से वेंटिलेटर पर है बेटा, पिता ने इलाज रुकवाने की मांगी इजाजत; SC ने 2 सप्ताह में अस्पताल से मांगी रिपोर्ट

न्यायालय ने व्यक्ति के लिए ‘पैसिव युथनेसिया पर विचार को अस्पताल से मेडिकल बोर्ड गठित करने को कहाएक पिता ने सुप्रीम कोर्ट से वेंटिलेटर पर लंबे समय से पड़े बेटे का इलाज रोकने की इजाजत मांगी है। कोर्ट ने नोएडा जिला अस्पताल को एक प्राइमरी मेडिकल बोर्ड बनाकर दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मेडिकल बोर्ड द्वारा विचार किया जाएगा कि 12 साल से वेंटिलेटर पर पड़े 31 वर्षीय युवक का लाइफ सपोर्ट हटाकर क्या उसे प्राकृतिक रूप से मरने के लिए छोड़ा जा सकता है?

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा जिला अस्पताल को उस 31 वर्षीय व्यक्ति के लिए ‘पैसिव युथनेसिया’ की संभावना तलाशने हेतु एक प्राथमिक बोर्ड गठित करने का बुधवार को निर्देश दिया। यह शख्स 100 प्रतिशत विकलांगता से पीड़ित है और एक दशक से अधिक समय से निष्क्रिय अवस्था में है। ‘पैसिव युथनेसिया’ उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें किसी मरीज का जीवन बचाने के लिए आवश्यक समर्थन या उपचार रोककर वह स्थिति पैदा की जाती है जिससे उसके प्राण स्वाभाविक ढंग से निकल सकें।

supreem court

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो| PTI)

कोर्ट ने दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने नोएडा सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल को 31 वर्षीय हरीश राणा के पिता द्वारा दायर आवेदन पर दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। हरीश राणा के पिता ने अपने पुत्र के लिए ‘पैसिव युथनेसिया’ का अनुरोध करते हुए कहा है कि उसकी स्वास्थ्य स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। पीठ ने निर्देश दिया, "हम चाहते हैं कि प्राथमिक बोर्ड हमें एक रिपोर्ट दे कि जीवन रक्षक उपचार रोका जा सकता है। प्राथमिक बोर्ड अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करे और एक बार जब यह हमारे सामने आ जाएगा, तो हम आगे के आदेश पारित करने के लिए आगे बढ़ेंगे। यह प्रक्रिया दो सप्ताह के भीतर पूरी हो जानी चाहिए।"

End of Feed