Red Fort Blast Case Update: दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम को जिस कार में विस्फोट हुआ, उसमें 12 लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हुए। यह एक तरीका का फिदायीन हमला बताया गया। इसके पीछे कश्मीर के एक डॉक्टर के होने का संदेह है। जांचकर्ता मानते हैं कि पुलवामा निवासी डॉ. उमर वह हुंडई i20 चला रहा था। उसने ही विस्फोट किया।
लाल किले ब्लास्ट मामले में अपडेट (Photo- PTI)
शुरुआती जांच से पता चलता है कि उमर हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद में हुई एक बड़ी विस्फोटक बरामदगी से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा था। इस मॉड्यूल के कारण पहले जम्मू-कश्मीर के दो अन्य डॉक्टरों की भी गिरफ्तारी हुई थी।
तीन महत्वपूर्ण बातों पर टिकी जांच...सबसे अहम वो 3 घंटे
वो 3 घंटे जिनमें डॉक्टर उमर ने लाल किले की पार्किंग में गाड़ी खड़ी रखी उस दौरान उमर कहां था क्या पार्किंग में ही था या 3 घंटे के दौरान वो किसी से मुलाकात कर रहा था या इलाके की रेकी उसने की और वो पीक समय का इंतजार कर रहा था कि जब ज्यादा भीड़ सड़कों पर जुट सके। आखिर दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर वो गाड़ी पार्किंग में पहुंच गई थी। उसके बाद 6 बजकर 22 पर गाड़ी बाहर आई। इन 3 घंटों के दौरान उमर ने क्या किसी से बात की। क्या किसी से वो निर्देश ले रहा था या किसी के निर्देश का इंतजार कर रहा था। उमर को पता चल चुका था कि उसके साथी पकड़े जा चुके हैं और पुलिस कभी भी उस तक पहुंच सकती है तो ऐसे में उसने दिल्ली की हाईली सिक्योरिटी वाले इलाके में 3 घंटे तक रुकने का रिस्क क्यों लिया। क्या कोई स्लीपर सेल या लॉजिस्टिक सपोर्ट का इंतजार था।
दूसरा फैक्टर
दूसरा अहम पहलू फरीदाबाद के जिस अल फला यूनिवर्सिटी के 3 डॉक्टर्स का नाम सामने आ गया था। इस नेटवर्क में इनके अलावा और कितने एक्टिव मेंबर या नॉन एक्टिव मेंबर जिन्हें स्लीपर सेल भी कहा जाता है वो एक्टिव थे। ये इतने हथियार इन्होंने कहा से लिए, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से आया। क्या अलग अलग समय पर अलग अलग खेप से पहुंचा। ये विस्फोटक और हथियार यहां तक पहुंचाने वाले कौन थे। जिस टेलीग्राम ग्रुप से ये लोग जुड़े हुए थे उसके अन्य मेंबर कौन कौन हैं, वो कब से एक्टिव था। क्या उमर मुजम्मिल या आदिल ने दिल्ली की रेकी की थी या इनके लिए ये काम कोई ओर कर रहा था।
तीसरा पॉइंट
अब तक दिल्ली में जितने भी बम धमाके देखे गए उसमें विस्फोटक भले ही कोई भी हो लेकिन ब्लंट ऑब्जेक्ट जैसे, कील, बोल बेयरिंग ब्लेड जैसी धारदार चीजों का इस्तेमाल किया जाता था। जिससे इंपैक्ट बहुत ज्यादा और दूर तक हो। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ पुलिस को किसी भी तरह का कोई भी ब्लंट ऑब्जेक्ट नहीं मिले हैं। तो आखिरकार ब्लास्ट का इतना इंपैक्ट कैसे हुआ जबकि सड़क पर कहीं कोई गड्ढा भी नहीं बना। जैसा अक्सर ब्लास्ट साइट पर देखा जाता है। दूसरी ओर गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए न सिर्फ उस गाड़ी के जिसमें ब्लास्ट हुआ बल्कि आसपास की गाड़ियों के भी।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
