Delhi old vehicle ban : दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिए राज्य सरकार ने पुराने पड़े चुके वाहनों के चलने पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार की नई नीति के तहत 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को अब राजधानी में ईंधन मिलना एक जुलाई से बंद हो गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक नियम लागू होने के पहले दिन नियम का उल्लंघन करने वाले 24 वाहनों को जब्त किया गया है। हालांकि, दिल्ली सरकार के इस फैसले का विरोध होना भी शुरू हो गया है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी भी प्रकट कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह नीति सही नहीं है और जो वास्तविक समस्याएं हैं उन्हें यह दूर नहीं कर रही है।
दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों पर लगाई है रोक।
पुराने वाहनों पर रोक लगाने वाली सरकार की यह नीति लागू होने के बाद राजधानी के कई पेट्रोल पंप संचालकों ने कहा कि आम तौर पर एक दिन में ईंधन लेने के लिए जितने वाहन उनके यहां आते हैं, नीति लागू होने के पहले दिन उसमें कमी आई। रोहिणी के सेक्टर 11 स्थित साई राम फिलिंग स्टेशन, सेक्टर-11 स्थित आईओसीएल करुण फिलिंग स्टेशन और सेक्टर 24 के आईओसीएल ने रोजाना ईंधन लेने वाले औसत वाहनों की संख्या में कमी आने की पुष्टि की।
सरकार की इस नीति का विरोध सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है। पुराने वाहनों को ईंधन न देने वाले सरकार के इस फैसले का लोग विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान करने के लिए सरकार जो नीति लेकर आई है वह 'सही' नहीं है।
सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक यूजर ने कहा, 'ओडोमीटर पर 2,00,000 KM वाली 10 साल पुरानी एक पेट्रोल कार को दिल्ली में चलने की इजाजत है लेकिन ओडोमीटर पर 50,000 KM वाली 15 साल पुरानी पेट्रोल कार को चलने की इजाजत नहीं है। एनजीटी में अपनी सेवानिवृत्ति का लुत्फ उठा रहे नौकरशाहों ने गजब का हैरान करने वाला फैसला किया है। यह फैसला एनसीआर में लाखों लोगों का जीवन प्रभावित कर रहा है।'
एक अन्य यूजर ने कहा, '10-15 साल पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने वाले दिल्ली सरकार के इस फैसले का मैं स्वागत करता हूं लेकिन मैं चाहता हूं कि सरकार कुछ और कदम उठाए, जैसे कि ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो, सड़क किनारे पार्किंग पर रोक लगे, ऑड-इवन नियम लागू हो, नई एवं अच्छी सड़कें बनें, सार्वजनिक परिवहन और मजबूत बनाया जाए, खराब हो रहे वाहन हटाए जाएं।'
वहीं, एक यूजर ने इस नीति का कड़ा विरोध करते हुए कहा, 'असली समस्या आपकी 10 वर्ष पुरानी कार नहीं है, बल्कि असली समस्या उनकी अक्षमता, खराब प्लानिंग और एक टिकाऊ एवं रहने योग्य दिल्ली शहर के निर्माण में पूरी विफलता है। इसलिए अपनी दशकों की नाकामी छिपाने के लिए वे आपकी कार को दोष दे रहे हैं। इस झांसे में मत आइए, इसका सामना करिए।'
अधिकारियों को मुताबिक सरकार के इस नियम से सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों को छूट मिली हुई है। पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के वाला सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला भी है। शीर्ष अदालत ने साल 2018 में दिल्ली में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया। यही नहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का 2014 का एक फैसला सार्वजनिक स्थानों पर 15 साल पुराने वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाता है।
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