Delhi News: देश में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता को लेकर अक्सर सवालों के घेरे में रहने वाला भारतीय मौसम विभाग (IMD) अब आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसे खतरों के प्रति चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इस बार विभाग किसी तकनीकी अपडेट या वैज्ञानिक बदलाव से नहीं, बल्कि जनता की राय और जरूरतों के आधार पर अपने सिस्टम को सुधारने जा रहा है।
अलर्ट सिस्टम को बेहतर करेगा मौसम विभाग
12 भाषाओं में ऑनलाइन सर्वे
मौसम विभाग ने इसके लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण की शुरुआत की है, जिसमें देश के नागरिकों से सीधा फीडबैक मांगा जा रहा है। यह 12 भारतीय भाषाओं में की जा रही है ताकि अधिकतम लोग इसमें भाग ले सकें। इसमें लोगों से उनके राज्य और जिले की जानकारी के साथ यह पूछा जा रहा है कि उन्हें मौसम विभाग के अलर्ट कितनी जल्दी मिलते हैं, वे कितने उपयोगी होते हैं और किन प्लेटफॉर्म्स से ये सूचनाएं उन्हें प्राप्त होती हैं।
प्रतिक्रिया के आधार पर होगा सिस्टम में बदलाव
भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सर्वेक्षण के नतीजों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो भविष्य में अलर्ट सिस्टम को बेहतर और समयानुकूल बनाने की दिशा में मार्गदर्शक का काम करेगी। अगर जरूरत पड़ी, तो अलर्ट पहुंचाने के नए माध्यम भी जोड़े जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों तक समय से सही सूचना पहुंच सके।
तीन घंटे पहले जारी होता है अलर्ट
वर्तमान में IMD आंधी, तूफान और वज्रपात जैसी घटनाओं के लिए औसतन तीन घंटे पहले अलर्ट जारी करता है। इन अलर्ट्स को विभाग मोबाइल ऐप, वेबसाइट, सोशल मीडिया, SMS, रेडियो और दूरदर्शन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करता है। लेकिन कई बार लोगों को यह सूचना या तो देर से मिलती है या घटना के बाद पता चलती है, जिससे अलर्ट की उपयोगिता पर सवाल उठते है।
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