Delhi: चिड़ियाघर में सुरक्षा प्रोटोकॉल की उड़ी धज्जियां, निर्माण कार्य के बीच बाड़े में बंद रहे खतरनाक जानवर

दिल्ली के चिड़ियाघर में वन्यजीवों की सुरक्षा को ताक पर रखकर उनके बाड़े में निर्माण कार्य किया जा रहा है। चिड़ियाघर में सीजेडीए की गाइइलाइंस का उल्लघंन किया जा रहा है। चिड़ियाघर में नियमों की अनदेखी और अनुभवहीन कर्मियों तैनाती ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी है।

Delhi Zoo: दिल्ली के चिड़ियाघर में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही देखने को मिली है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए खतरनाक वन्यजीवों के बाड़ों में निर्माण कार्य किया जा रहा है। चिड़ियाघर प्रशासन ने वन्य जीवों को किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर भेजे बिना ही काम शुरू कर दिया है, जोकि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडीए) की गाइडलाइंस के खिलाफ है। हाल ही में हीरा नामक हाथी द्वारा अपने महावत पर हमले की घटना ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं। वहीं चिड़ियाघर में अनुभवहीन कर्मियों की तैनाती ने भी स्थिति को और चिंताजनकर बना दिया है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने चिड़ियाघर में नियमों की अनदेखी की निंदा की है।

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फाइल फोटो

सीजेडए की गाइंडलाइंस का उल्लघंन

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडीए) की गाइडलाइंस के मुताबिक वन्यजीवों के बाड़े में किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना जरूरी है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार चिड़ियाघर प्रशासन नियमों की अनदेखी कर बाघ और हाथी जैसे खतरनाक वन्यजीवों के बाड़ों में निर्माण कार्य कर रहा है। वहीं चिड़ियाघर के निदेशक डा. संजीत कुमार का कहना है कि यह निर्माण कार्य वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ ही उनके कीपर्स की निगरानी में किया जा रहा है। लेकिन 30 मई को हीरा हाथी द्वारा अपने महावत पर किए गए हमले ने चिड़ियाघर के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े किए हैं।

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