Delhi: शहरी बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए नया ड्रेनेज मास्टर प्लान; अगले 30 सालों तक की होगी योजना

दिल्लीवासियों के लिए मानसून में जलभराव की समस्या जल्द ही कम होने की उम्मीद है, क्योंकि राजधानी को लगभग 50 साल बाद नया ड्रेनेज मास्टर प्लान मिलने जा रहा है। यह योजना अगले 30 वर्षों तक शहरी बाढ़ और पानी जमा होने की समस्या का स्थायी समाधान देगी। दिल्ली को तीन प्रमुख बेसिनों नजफगढ़, बरापुल्ला और ट्रांस-यमुना में विभाजित कर आधुनिक जल निकासी नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

Delhi Drainage Master Plan: दिल्लीवासियों के लिए मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निजात पाने की उम्मीद बड़ी है। लगभग 50 साल बाद राजधानी को एक नया ड्रेनेज मास्टर प्लान मिलने वाला है, जो अगले 30 वर्षों तक शहरी बाढ़ और पानी जमा होने की समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगा। दिल्ली का पिछला मास्टर प्लान 1976 में तैयार किया गया था, जब शहर की आबादी लगभग 60 लाख थी, जबकि आज यह संख्या लगभग दो करोड़ तक पहुंच चुकी है। तेजी से हुए शहरीकरण और बदलते मौसम के पैटर्न को देखते हुए सरकार ने नया योजना बनवाया है। इस योजना के तहत दिल्ली को तीन प्रमुख बेसिनों नजफगढ़, बरापुल्ला और ट्रांस-यमुना में विभाजित किया गया है। हर बेसिन का जल निकासी नेटवर्क पूरी तरह से नए ढंग से डिज़ाइन किया जाएगा और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंसी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Delhi to Get New Drainage Master Plan (AI Image)

दिल्ली को मिलेगा नया ड्रेनेज मास्टर प्लान (AI Image)

पांच चरणों में लागू होगा योजना

जानकारी के मुताबिक, यह योजना पांच चरणों में लागू की जाएगी, जिसमें पहले उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा जो उच्च-जोखिम वाले हैं। कुल प्रोजेक्ट की लागत ₹57,362.85 करोड़ अनुमानित है। इसमें नजफगढ़ बेसिन पर सबसे अधिक खर्च, लगभग ₹33,499 करोड़ किया जाएगा, जबकि बरापुल्ला बेसिन के लिए लगभग ₹14,547 करोड़ और ट्रांस-यमुना बेसिन के लिए करीब ₹9,317 करोड़ का बजट रखा गया है। अब बात करें की नया मास्टर प्लान बनाना क्यों जरूरी था तो दिल्ली की पुरानी ड्रेनेज प्रणाली लगभग 50 साल पुरानी हो चुकी है और अब प्रभावी नहीं रह गई है। कई नाले अवैध निर्माण और अतिक्रमण के कारण बंद हो गए हैं, जिससे बारिश का पानी और सीवेज का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है।

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