Delhi NCR Flood Alert: दिल्ली-एनसीआर में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। गुरुवार सुबह यमुना का जलस्तर 205.80 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है, जो खतरे के स्तर 205.33 मीटर से अधिक है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने चेतावनी दी है कि अगले 2-3 दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है और स्थिति गंभीर बाढ़ के स्तर तक पहुंच सकती है। आने वाले 72 घंटे बेहद नाजुक माने जा रहे हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।
यमुना का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली एनसीआर में बाढ़ का खतरा (फोटो: पीटीआई)
मयूर विहार फेस-1 में जिला प्रशासन ने 100 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां खाने-पीने, दवाइयों और आश्रय की व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट भी तैनात की गई है ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। नोएडा और आसपास के डूब क्षेत्र हालात और खराब हैं। हजारों बीघा फसल पानी में समा चुकी है और कई किसान और मजदूर सड़कों या खाली जगहों पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। नोएडा सेक्टर-168 में करीब 100 परिवारों को आधी रात को घर छोड़ना पड़ा, क्योंकि पानी तेजी से घुस आया और वे अपना सामान तक नहीं निकाल पाए।
बारिश से बिगड़ सकते हैं हालात
जिला प्रशासन और पुलिस लगातार गश्त कर रही हैं और डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया गया है। पशुधन और गौशालाओं के लिए भी वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन का दावा है कि 2023 जैसी भयावह स्थिति नहीं बनने दी जाएगी, लेकिन यदि बारिश का दौर जारी रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
क्यों बढ़ रहा है यमुना का जलस्तर
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसका एक प्रमुख कारण हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जा रहा पानी भी है। बीते 24 घंटों में नदी में पानी के स्तर और डिस्चार्ज में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। ताजा रिकॉर्ड के अनुसार, बुधवार शाम 5 बजे पानी का प्रवाह 42,368 क्यूसेक था, जो शाम 6 बजे घटकर 38,706 क्यूसेक और शाम 7 बजे 38,214 क्यूसेक हो गया। इसके बाद रात 8 बजे पुनः बढ़कर 41,206 क्यूसेक तक पहुंच गया।
डिस्चार्ज 61,000 क्यूसेक तक पहुंचा
मंगलवार देर रात 2 बजे यमुना में डिस्चार्ज 61,000 क्यूसेक तक पहुंच गया था, जो सुबह 9 बजे तक घटकर लगभग 51,000 क्यूसेक हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बैराज से छोड़ा गया पानी सीधे दिल्ली और नोएडा के निचले इलाकों में असर डाल रहा है। इसी वजह से यमुना का जलस्तर खतरे के स्तर को पार कर चुका है और आने वाले 48–72 घंटे में हालात और गंभीर हो सकते हैं। सरकार और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। स्वास्थ्य और राहत दल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। यमुना किनारे बसे गांवों और शहरी क्षेत्रों में पानी बढ़ने का खतरा बरकरार है और अगले 72 घंटे इस स्थिति के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे।
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