दिल्ली हाई कोर्ट ने ISIS से जुड़े आरोपी को जमानत देने से किया इनकार, युवाओं को बरगला कर करवाता था भर्ती

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईएस संगठन के सदस्य मोहम्मद रिजवान अशरफ की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, अशरफ IS की विचारधारा का प्रचार कर रहा था और युवाओं की भर्ती के प्रयास में था। उसे यूएपीए मामले में गिरफ्तार किया गया था, और उसने अपनी हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी थी।

Delhi News: इस्लामिक स्टेट (ISIS) से कथित रूप से जुड़े और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद रिजवान अशरफ को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उसके जमानत आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से स्पष्ट है कि अशरफ और उसके दो अन्य सहयोगी ISIS के सक्रिय सदस्य हैं और संगठन की विचारधारा का प्रचार कर रहे थे।

delhi hc denies bail grant of isis related accused

कोर्ट ने खारिज की जमानत संबंधी याचिका (प्रतीकात्मक तस्वीर | Canva)

दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष के पास ऐसे पर्याप्त सबूत हैं जो दर्शाते हैं कि अशरफ न केवल आतंकवादी संगठन के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था, बल्कि हथियार और विस्फोटक सामग्री की मुहैया कराने जैसे गंभीर अपराधों में भी संलिप्त था।

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