Delhi Excise Policy case: दिल्ली आबकारी नीति मामले में फंसे दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आज भी अदालत से राहत नहीं मिली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया की न्यायिक हिरासत और 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। सिसोदिया 22 मार्च तक ईडी की हिरासत में हैं।
मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी
ईडी रिमांड पर हैं सिसोदिया
इससे पहले मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। जहां सिसोदिया को कोर्ट ने पांच दिनों के लिए ईडी की रिमांड में भेज दिया था। ईडी ने अदालत को बताया था कि सिसोदिया ने अपना फोन नष्ट कर दिया है इसलिए उनसे एक बार फिर पूछताछ करने की जरूरत है। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान उसे और कुछ तथ्य मिले हैं जिनके बारे में सिसोदिया से पूछताछ करने की जरूरत है। ईडी ने नए सबूतों को कोर्ट के समक्ष रखा था।
वहीं, सीबीआई ने आधिकारिक पद के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक जासूसी के लिए शहर की फीडबैक इकाई का इस्तेमाल करने के मामले में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच एजेंसी ने सिसोदिया और पांच अन्य के खिलाफ 16 मार्च को आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज किया।
2015 में फीडबैक यूनिट का गठन
आम आदमी पार्टी के शासन ने दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न विभागों और स्वायत्त निकायों, संस्थानों और संस्थाओं के कामकाज के बारे में प्रासंगिक जानकारी और कार्रवाई योग्य प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए 2015 में फीडबैक यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था।सीबीआई ने आरोप लगाया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पेश किया। लेकिन कोई एजेंडा नोट प्रसारित नहीं किया गया। इसने आरोप लगाया कि इस इकाई में नियुक्तियों के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल से कोई मंजूरी नहीं ली गई।
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