साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने 'ऑपरेशन मालामाल' (Operation Malamal) नाम से वॉट्स ऐप में ग्रुप बनाया और फिर मां बेटी की हत्या के बाद उनका पैसा लूटकर भाग गए, दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में दोनों शख्स आरोपी है भरोसे के कत्ल के उस दोहरे हत्याकांड के जिसनी दिल्ली में फैला दी थी सनसनी। गिरफ्तार आरोपियों के नाम किशन सिंह और अंकित है।
दिल्ली में हुए डबल मर्डर मामले का खुलासा (प्रतीकात्मक फोटो)
अंकित बॉलीवुड का उभरता हुआ म्यूजिक कंपोज़र है जो हाल ही में एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए अपनी आवाज़ दे चुका है।
मां बेटी के भरोसे का कत्ल करते हुए उन्हें मौत के घाट उतार दिया
चार पैसे कमाने की चाहत अंकित को कुछ ऐसी हुई कि उसने मेहनत की जगह लूट का रास्ता चुना और अपने साथी किशन सिंह का मां बेटी के भरोसे का कत्ल करते हुए उन्हें मौत के घाट उतार दिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक अंकित के साथ शामिल किशन सिंह मृतका राजरानी की बेटी गिन्नी का कंप्यूटर टीचर था। और किशन ने ही अंकित को जल्द पैसा कमाने का लालच देकर इस हत्याकांड में शामिल किया था। जिसके लिए प्लानिंग करते हुए दोनो ने बाकायदा आपरेशन मालामाल के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था। जसके जरिये ये आपस मे बातचीत कर रहे थे।
31 मई को माँ बेटी की सड़ी गली लाश मिली थी
दरअसल दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में 31 मई को माँ बेटी की सड़ी गली लाश मिली थी। दोनो की बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। मृतका की पहचान 76 साल की राजरानी और उनकी 39 साल की उनकी बेटी गिन्नी करार के तौर पर हुई। पुलिस को पता चला कि मृतक राजरानी आकाशवाणी में काम कर चुकी थी और तबला आर्टिस्ट रह चुकी थी, इनकी बेटी गिन्नी करार जिसको सुनने और बोलने में दिक्कत थी, गिन्नी MA Fine Arts कर चुकी थी घर में ये दोनों ही रहते थे दो और बहने हैं जो अलग रहती थी।
उसे पता चला कि गिन्नी और उसकी माँ के एकाउंट में करीब 50 लाख रुपये है
पूछताछ में किशन सिंह ने पुलिस को बताया कि वो गिन्नी को कंप्यूटर पढ़ाता था। इसदौरान उसने माँ बेटी की मदद करते हुए इनके लिए ऑनलाइन शॉपिंग भी की थी। उसी दौरान उसे पता चला कि गिन्नी और उसकी माँ के एकाउंट में करीब 50 लाख रुपये है। जिसके बाद इसने अपने रिश्तेदार भाई अंकित को आसाम से बुला लिया। और फिर जल्द पैसा कमाने के लिए लूट के इरादे से इस हत्यकांड को अंजाम दिया।
बैंक एकाउंट में रखे वो 50 लाख रुपये हासिल नही कर पाए
पुलिस के मुताबिक ये दोनों 25 मई को घर पहुँचे और किशन ने अंकित को इंग्लिश ट्यूटर बताकर माँ बेटी से मिलवाया और फिर इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया। हालांकि इन्हें बाद में बैंक एकाउंट में रखे वो 50 लाख रुपये हासिल नही कर पाए क्योकि माँ बेटी ने उस एकाउंट का नेट बैंकिंग एक्टिव नही कराया था। और न ही उसका डेबिट कार्ड बैंक से इशू करवाया था। घर में रखा 50 हजार रुपये कैश और मोबाइल और लैपटॉप लूटकर ही ये दोनों फरार हो गए।
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