Pollution Real Time Monitoring: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर में कचरे को जलाकर बिजली बनाने वाले वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स के प्रदूषण की निगरानी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब इन प्लांट्स में छह प्रकार के प्रदूषण मानकों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। यह कदम विशेषकर दिल्ली-एनसीआर और अन्य क्षेत्रों में ठोस कचरे के प्रबंधन की समस्याओं को देखते हुए उठाया गया है।
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स के प्रदूषण की रियल टाइम निगरानी के लिए नए दिशा-निर्देश (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को तीन महीने के भीतर रियल टाइम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्देश दिया है। इस प्रणाली से प्रदूषण के स्तर में किसी भी प्रकार की वृद्धि का तुरंत पता लगाया जा सकेगा और आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
निगरानी के छह मानकों में पार्टिकुलेट मैटर, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोजन क्लोराइड, हाइड्रोजन फ्लोराइड और कार्बन मोनोऑक्साइड शामिल हैं। इसके अलावा, लैंडफिल साइट से निकलने वाले लीचेट की भी रियल टाइम निगरानी की जाएगी।
सीपीसीबी का कहना है कि कचरे का एक हिस्सा रिसाइक्लिंग के योग्य नहीं होता, जिसे जलाकर ऊर्जा प्राप्त की जाती है। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अस्थमा, कैंसर और त्वचा रोगों में वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
