Bijwasan Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के तहत 5 फरवरी को जब मतदान होगा तो दिल्ली के बिजवासन में अनोखा दृश्य होगा। अनोखा इसलिए क्योंकि दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के ही दो पूर्व नेता बिजवासन में AAP के खिलाफ चुनावी मैदान में ताल ठोकेंगे। दिल्ली विधानसभा की जिन सीटों पर सबसे रोचक मुकाबला होगा, उनमें से बिजवासन सीट भी अहम होगी। चलिए जानते हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा, AAP और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। अब देखना होगा कि कौन चुनाव जीतता है। तीनों में से जो भी जीते, उससे वर्तमान या पूर्व में AAP का नाम जुड़ा जरूर होगा।
बिजवासन विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार
बिजवासन में उम्मीदवार
बिजवासन में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय है। दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को यहां की किसी भी सीट पर मुकाबले से बाहर मानना मुश्किल है। फिर बिजवासन तो एक ऐसी सीट है, जिस पर आम आदमी पार्टी ने 2015 और 2020 में भी जीत दर्ज की है। मजेदार बात ये है कि 2015 में जिस नेता ने यह सीट आम आदमी पार्टी के लिए जीती थी, वह देविंदर सहरावत इस बार AAP के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोंक रहे हैं। यही नहीं, दिल्ली की नजफगढ़ सीट से AAP की टिकट पर 2015 और 2020 में चुनाव जीतने वाले और दिल्ली के पूर्व परिवहन मंत्री कैलाश गहलौत भी इस बार बिजवासन से आम आदमी के खिलाफ BJP की टिकट पर भाग्य आजमा रहे हैं।
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उम्मीदवारों की लिस्ट
- AAP - सुरेंद्र भारद्वाज
- BJP - कैलाश गहलौत
- कांग्रेस - देविंदर सेहरावत
- BSP - कमल सिंह
2008 से है बिजवासन विधानसभा सीट
बिजवासन दिल्ली विधानसभा की एक अहम सीट है, जिसमें धुलसिरास, वसंत कुंज, महिपालपुर, रंगपुरी, नांगल देवात, बिजवासन, समलखा, बमनौती, कापसहेड़ा, शाहबाद मोहम्मदपुर, राजनगर और द्वारका के कुछ हिस्से आते हैं। मौजूदा बिजवास विधानसभा सीट परिसीमन के बाद साल 2008 में सामने आई और यहां पर पहला विधानसभा चुनाव भी 2008 में ही हुआ। इस तरह से इस विधानसभा सीट के लिए यह पांचवां विधानसभा चुनाव है। बिजवासन विधानसभा सीट, दिल्ली की दक्षिण दिल्ली लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। दक्षिण दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत जो अन्य विधानसभा सीटें आती हैं उनके नाम इस प्रकार हैं - संगम विहार, अंबेडकर नगर, छतरपुर, देवली, कालकाजी, तुगलकाबाद, पालम, बदरपुर और महरौली
बिजवासन का इतिहास
जैसा कि हमने ऊपर बताया, मौजूदा बिजवासन विधानसभा सीट पर पहली बार साल 2008 में विधानसभा चुनाव हुए थे। साल 2008 और 2013 में दिल्ली विधानसभा की यह सीट भारतीय जनता पार्टी के नेता सत प्रकाश राणा ने जीती। साल 2015 में आम आदमी पार्टी की लहर में यह सीट आम आदमी पार्टी की झोली में चली गई। 2020 में भी यहां से आम आदमी पार्टी ने ही चुनाव जीता।
पिछले चुनावों का हाल
पिछले विधानसभा चुनाव यानी साल 2020 में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भूपिंदर सिंह जून ने कुल 57 हजार 271 वोट हासिल किए और वह विधायक चुने गए। जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी सत प्रकाश राणा को 56 हजार, 518 वोट मिले थे। इस तरह से AAP उम्मीदवार को 753 वोट से जीत मिली थी। यह दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2020 में सबसे कम अंतर की जीत थी।
विधानसभा चुनाव 2015 में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी रहे देविंदर कुमार सेहरावत ने बिजवासन सीट पर जीत दर्ज की। उन्हें कुल 65 हजार 6 वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के सत प्रकाश राणा 45 हजार 470 वोट हासिल कर पाए थे। इससे पहले साल 2013 में भाजपा के उम्मीदवार सत प्रकाश ने 35 हजार, 988 वोट हासिल करके जीत दर्ज की थी, जबकि AAP के देविंदर सेहरावत 33 हजार, 574 वोट लेकर दूसरने नंबर पर रहे थे। 2008 में बिजवासन विधानसभा सीट के पहले चुनाव में भाजपा के सत प्रकाश राणा को 27 हजार, 427 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी विजय सिंह लोचाव रहे, जिन्हें 25 हजार, 422 मत हासिल हुए थे।
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