आशा किरण आश्रय गृह में मौत पर दिल्ली HC की तल्ख टिप्पणी, कहा-ये 14 मौतें महज संयोग नहीं हो सकतीं

Asha Kiran center Deaths: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को केंद्र के पानी की जांच करने का भी आदेश दिया, क्योंकि अदालत को बताया गया कि मृतक महिलाओं में से कई टीबी से पीड़ित थीं। साथ ही कोर्ट ने दिल्ली सरकार के समाज कल्याण सचिव को व्यक्तिगत रूप से केंद्र का दौरा करने का आदेश दिया।

Asha Kiran center Deaths: दिल्ली के रोहिणी स्थित शेल्टर होम आशा किरण केंद्र में 14 लोगों की मौत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सरकार द्वारा संचालित इस केंद्र में एक महीने में 14 लोगों की मौत महज एक संयोग नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि केंद्र में भीड़भाड़ है, तो वहां रहने वालों को उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को केंद्र के पानी की जांच करने का भी आदेश दिया, क्योंकि अदालत को बताया गया कि मृतक महिलाओं में से कई टीबी से पीड़ित थीं। साथ ही कोर्ट ने दिल्ली सरकार के समाज कल्याण सचिव को व्यक्तिगत रूप से केंद्र का दौरा करने और बुधवार तक हाई कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।

delhi hc

दिल्ली हाई कोर्ट।

4 मौतें केवल संयोग नहीं हो सकतीं-कोर्ट

जस्टिस मनमोहन एवं जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा, 'थोड़े समय के अंतराल में यहां कई सारी मौतें हुई हैं। 14 मौतों का होना केवल एक संयोग नहीं हो सकता।' कोर्ट ने कहा कि यदि केंद्र में उसकी क्षमता से ज्यादा लोग रह रहे हैं तो इस कम किया जाए। पीठ ने कहा, 'इस मामले की रिपोर्ट को सरसरी तौर पर देखने से लगता है कि सभी मौतें इसलिए हुईं क्योंकि मरीज टीबी से पीड़ित थे। इसलिए दिल्ली जल बोर्ड इस केंद्र में आपूर्ति होने वाले पानी, उसकी गुणवत्ता एवं सीवर पाइपलाइन की जांच कर अपनी रिपोर्ट दायर करे।'

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