Delhi News: राजधानी दिल्ली में 5.5 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के निलंबित अधिशासी अभियंता गगन कुरील और बाबा कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक अरुण गुप्ता को गिरफ्तार किया है। यह मामला उत्तरी जिले के सिरसपुर गांव और बुराड़ी इलाके में होने वाले चार निर्माण कार्यों से जुड़ा है, जिनमें कागज पर काम दिखाकर पूरा भुगतान ले लिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ था।
ACB ने गिरफ्तार किए दो आरोपी
मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि तीन ठेके बाबा कंस्ट्रक्शन को दिए गए थे, जिनकी कुल लागत ₹5.3 करोड़ थी। इनमें से 4.2 करोड़ की राशि बिना किसी वास्तविक काम के जारी कर दी गई। इसके अलावा अंबा कंस्ट्रक्शन को भी एक मरम्मत कार्य के लिए 38.98 लाख का ठेका दिया गया, लेकिन 43.74 लाख का भुगतान कर दिया गया, यानी तय राशि से भी अधिक। जांच में तीन फर्जी बैंक गारंटी के दस्तावेज मिले, जिनका मूल्य 2.24 करोड़ बताया गया है। अधिकारियों ने यह भी पाया कि आवश्यक निरीक्षण प्रक्रिया और प्रमाण पत्र जारी करने में गंभीर लापरवाही की गई। इसके अलावा कम्प्यूटराइज्ड मापन पुस्तिकाएं और अन्य महत्त्वपूर्ण दस्तावेज गायब कर दिए गए।
अरुण गुप्ता की गिरफ्तारी को लेकर अधिकारियों ने बताया कि वह लंबे समय से पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा था और बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था। उसने जांच अधिकारियों को बताया कि वह ऋषिकेश में है, लेकिन एसीबी ने उसे छतरपुर के डेरा मांडी स्थित एक फार्महाउस से गिरफ्तार किया। गगन कुरील, जो आदर्श नगर का निवासी है, दिसंबर 2023 से निलंबित है और जांच में सहयोग कर रहा था।
इस घोटाले में अरुण गुप्ता के भाई वरुण गुप्ता, जो अंबा कंस्ट्रक्शन के मालिक हैं, की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है और एसीबी उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा गठित इंजीनियरों की टीम ने चारों कार्य स्थलों पर निरीक्षण कर पाया कि कोई कार्य नहीं किया गया था, फिर भी पूरा भुगतान कर दिया गया। ACB की जांच अभी जारी है और बाकी दोषियों की पहचान की कोशिशें की जा रही हैं।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
