भारत ने अमेरिका के लिए रेड कारपेट बिछाया, हमें बदले में मिला टैरिफ; स्टारलिंक पर राघव चड्डा ने केंद्र से पूछे तीखे सवाल

सांसद राघव चड्ढा ने भारत पर लगाए अमेरिकी टैरिफ और स्टारलिंक की एंट्री को लेकर केंद्र से पूछे तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि स्टारलिंक को 'बर्गेनिंग चिप' की तरह इस्तेमाल करें। राघव चड्ढा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि 'अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का, यार ने ही लूट लिया घर यार का'। सांसद ने कहा कि भारत ने अमेरिका के लिए रेड कारपेट बिछाया, लेकिन हमें बदले में टैरिफ मिला।

दिल्ली : राज्यसभा में गुरुवार को चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने भारत में अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक की एंट्री और अमेरिका की तरफ से भारतीय सामान पर लगाए गए टैरिफ को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। चड्ढा ने स्टारलिंक को मंजूरी देने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और इसके संभावित दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग की है। यह चर्चा उस समय हुई जब भारत सरकार स्टारलिंक को देश में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है। राघव चड्ढा ने अपने सवालों को बेहद जोरदार तरीके से संसद में रखते हुए कहा कि भारत ने हमेशा अमेरिका के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी दिखाई है। हाल ही में वित्त मंत्री द्वारा फाइनेंस एक्ट में संशोधन कर गूगल टैक्स यानी और इक्विलाइजेशन लेवी को हटाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इससे अमेरिकी कंपनियों जैसे मेटा, अमेजन और गूगल को फायदा मिला, लेकिन भारत को लगभग 3000 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ। लेकिन इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 26 फीसदी का टैरिफ लगा दिया, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। चड्ढा ने इसे भारत के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि इससे हमारी जीडीपी पर 50 से 100 बेसिस पॉइंट्स का असर पड़ सकता है।

Aap MP Raghav Chadha Questions On Rajya Sabha

राज्यसभा में प्रश्न पूछते राघव चड्ढा

भारत-अमेरिका के रिश्तों पर कसा तंज

राघव चड्ढा ने कहा कि हमने अमेरिका का दिल जीतने के लिए सब कुछ किया, लेकिन बदले में अमेरिका ने 26 फीसदी टैरिफ लगाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका दिया। उन्होंने भारत-अमेरिका के रिश्तों पर तंज कसते हुए कहा, "अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का, यार ने ही लूट लिया घर यार का। राघव चड्ढा ने सुझाव दिया कि भारत सरकार को एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को दी जाने वाली मंजूरी रोकनी चाहिए और उसका इस्तेमाल अमेरिका से फिर से टैरिफ को लेकर बातचीत में "बर्गेनिंग चिप" के तौर पर करना चाहिए।

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