Delhi News: देश की राजधानी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शुमार हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और गाड़ियों की आवाजाही को सुगम करने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। स्टेशन परिसर में अब पूरी तरह से डिजिटल, स्वचालित और FASTag-सक्षम पार्किंग व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य मैनुअल प्रक्रिया को कम करना, स्टेशन पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना और यात्रियों को कैशलेस और तेज सेवा देना है।
डिजिटल हुई निजामुद्दीन स्टेशन की पार्किंग (सांकेतिक चित्र)
FASTag तकनीक से मिनटों में होगी एंट्री और एग्जिट
नई व्यवस्था के तहत अब वाहनों की एंट्री और एग्जिट बेहद त्वरित और पारदर्शी होगी। FASTag-सक्षम तकनीक होने की वजह से यात्रियों और ड्राइवरों को पार्किंग शुल्क चुकाने के लिए लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पार पारंपरिक मैन्युअल पर्ची सिस्टम की जगह इस डिजिटल प्रक्रिया ने ले ली है, जिससे गाड़ियों के आवागमन में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। यह व्यवस्था सरकार के 'डिजिटल इंडिया' अभियान के अनुरूप तैयार की गई है।
निजी कंपनी के साथ मिलकर सुरक्षा और प्रबंधन की कमान
निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन की पार्किंग और एक्सेस कंट्रोल के प्रबंधन का अनुबंध 'एसएनजी सिक्योरिटीज एंड प्लेसमेंट' (SNG Securities & Placement) को सौंपा गया है। कंपनी ने स्टेशन पर तकनीक के साथ-साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी तैनाती की है, ताकि ऑटोमेशन के साथ-साथ यात्रियों को ऑन-ग्राउंड सहायता भी मिलती रहे। गौरतलब है कि यह एजेंसी पिछले सात सालों से भारतीय रेलवे के साथ काम कर रही है और नई दिल्ली और दिल्ली मुख्य स्टेशन पर क्लॉक रूम प्रबंधन जैसी सेवाएं पहले भी संभाल चुकी है।
ट्रैफिक प्रबंधन और पारदर्शिता में होगा सुधार
हजरत निजामुद्दीन स्टेशन रोजाना भारी संख्या में यात्रियों और वाहनों की आवाजाही संभालता है। ऐसे में नई स्मार्ट पार्किंग तकनीक लागू होने से पार्किंग शुल्क संग्रह में पारदर्शिता आएगी, फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म होगी और स्टेशन परिसर के बाहर वाहनों की अनियंत्रित भीड़ से होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि तकनीक और बेहतर जनशक्ति का यह तालमेल यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाएगा।
