Delhi Fire Incident: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके स्थित एक होटल में बुधवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस मामले को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
उपराज्यपाल संधू ने होटल, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान और रिजॉर्ट में अग्नि सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक महीने तक अभियान चलाने का आदेश दिया। उपराज्यपाल और दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने अधिकारियों संग एक बैठक की। इस बैठक में उपराज्यपाल ने अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले परिसरों को सील करने का आदेश दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, उपराज्यपाल ने अग्निशमन सेवा और पुलिस को शहर में दमकल गाड़ियों की पहुंच में बाधा उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों की पहचान करने हेतु सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया।
होटल में कब लगी आग?
मालवीय नगर के हौज रानी स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी और देखते ही देखते फैल गई, जिससे लोग स्तब्ध रह गए। कई स्थानीय लोगों सहित बचावकर्मी पांच मंजिला संकरी इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 40 लोगों को इमारत से निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां 21 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वह 25 कमरे का उपयोग कर रहा था। तहखाने में भी कमरे बनाए गए थे।
उपराज्यपाल ने जताया दुख
उपराज्यपाल ने होटल में लगी आग की घटने में हुई जनहानि पर दुख जताया। उन्होंने कहा, ''हौज रानी, मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने की घटना को लेकर मैं बहुत दुखी हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।''
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित देशभर के तमाम नेताओं ने हादसे पर दुख जताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
