Delhi Air Pollution: दिल्ली में सर्दियों से पहले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। MCD आयुक्त संजीव खिरवार और दिल्ली सरकार के शहरी विकास सचिव विवेक पांडेय ने दक्षिणी जोन के प्रदूषण हॉटस्पॉट और निर्माण स्थलों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रदूषण के कारणों, धूल रोकने के उपायों और अलग-अलग विभागों की ओर से किए जा रहे कामों की समीक्षा की।
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए MCD सख्त (सांकेतिक फोटो)
आरके पुरम, आईआईटी और सरोजिनी नगर में जांच
निरीक्षण के दौरान संजीव खिरवार ने आरके पुरम और IIT दिल्ली के आसपास प्रदूषण वाले स्थानों का जायजा लिया। इसके अलावा सरोजिनी नगर और रिंग रोड के निर्माण स्थलों पर भी जाकर धूल और प्रदूषण रोकने के इंतजामों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने निर्माण स्थलों पर लगाए गए एंटी-स्मॉग गन, पानी के छिड़काव के लिए इस्तेमाल होने वाले स्प्रिंकलर और एमआरएसएम मशीनों की स्थिति भी देखी। इन उपकरणों की मदद से प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
धूल रोकने के उपाय मजबूत करने के निर्देश
एमसीडी आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण स्थलों के प्रभारियों को धूल रोकने के उपाय मजबूत करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने लापरवाही करने वाली निर्माण एजेंसियों और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। निरीक्षण में दक्षिणी जोन के उपायुक्त शाश्वत सौरभ के साथ दिल्ली प्रशासन, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में प्रदूषण के कारणों और कार्रवाई की समीक्षा
निरीक्षण के बाद एमसीडी के दक्षिणी जोन कार्यालय में बैठक हुई। इसमें शाश्वत सौरभ ने शहरी विकास सचिव विवेक पांडेय को प्रदूषण हॉटस्पॉट की स्थिति, प्रदूषण के प्रमुख कारणों और अब तक किए गए सुधार कार्यों की जानकारी दी। विवेक पांडेय ने अलग-अलग विभागों की ओर से की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, लगातार निगरानी और समय पर कार्रवाई करने की जरूरत पर जोर दिया।
सड़कों और फुटपाथों की सफाई पर भी जोर
संयुक्त टीम ने आईआईटी दिल्ली के आसपास के प्रदूषण प्रभावित स्थानों और एक पेट्रोल पंप का भी दौरा किया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं, ताकि पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। इसके अलावा सर्दियों से पहले सड़कों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट और उन स्थानों की गहन सफाई करने को कहा गया, जहां प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
