दिल्ली में नेहरू प्लेस के पास इस जगह का नाम मस्जिद मोठ कैसे पड़ा?

दिल्ली के नेहरू प्लेस के पास एक इलाका है, जिसका नाम मस्जिद मोठ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस नाम के पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है। दिल्ली के इस ऐतिहासिक स्थान के बारे शायद कम लोगों को ही बता होगा, आइए जानते हैं कैसे इस स्थान को 'मस्जिद मोठ' कहा जाने लगा।

Masjid Moth Delhi Story: दिल्ली के नेहरू प्लेस के पास स्थित मस्जिद मोठ सिर्फ एक इलाके का नाम नहीं, बल्कि अपने अंदर एक बेहद दिलचस्प कहानी छुपाए हुए है। हजारों लोग रोजाना इस इलाके से गुजरते हैं, नाम लेते हैं, बोर्ड पर इसका नाम पढ़ते हैं- मगर बहुत कम लोग जानते हैं कि इस नाम के पीछे की वजह क्या है। यह कहानी किसी राजा या युद्ध से नहीं, बल्कि एक साधारण सी दाल से जुड़ी है, यही सादगी इसकी पहचान और कहानी को खास बनाती है।

Masjid Moth - istock

मोठ मस्जिद (फाइल फोटो)

मोठ की मस्जिद से मिला नाम

मस्जिद मोठ, इलाके का नाम यहां पर स्थित मोठ की मस्जिद के कारण पड़ा। इस मस्जिद को मोठ मस्जिद भी कहा जाता है। मस्जिद मोठ के नाम की कहानी हमें लोदी वंश के शासनकाल में लेकर जाती है, इसी समय 1505 में इस मस्जिद को बनवाया गया। इसके निर्माण की कहानी ही इसे और ऐतिहासिक इमारतों से अलग और खास बनाती है। सिकंदर लोदी के शासनकाल में उनके वजीर मियां भोईया ने इस मस्जिद का निर्माण कराया। लेकिन उन्होंने इसके लिए चंदा या दान में पैसे नहीं मांगे, बल्कि एक अनोखा रास्ता चुना।

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