कोमा में सैनिक पति...पत्नी के दिल में जागा मां बनने का ख्वाब; दिल्ली हाईकोर्ट ने दी IVF की मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोमा में पड़े सैनिक की पत्नी को शुक्राणु संरक्षित करने की अनुमति दी और भविष्य में आईवीएफ के लिए सशर्त स्वीकृति प्रदान की। कोर्ट ने एक चिकित्सा बोर्ड को यह आकलन करने का आदेश दिया कि क्या उनकी वर्तमान गंभीर स्थिति में सर्जरी के जरिए शुक्राणु निकालना सुरक्षित है।

दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को एक बेहद संवेदनशील और भावुकता से भरा मामला सामने आया, जहां एक महिला ने अपने पति (सैनिक), जो मार्च 2025 से कोमा में जीवन रक्षक उपकरणों पर हैं, के स्पर्म (शुक्राणु) को निकालकर सुरक्षित रखने की अनुमति मांगी। महिला ने इच्छा जताई कि वह भविष्य में अपने पति के स्पर्म के जरिए मां बनना चाहती है, इससे पहले कि पति की स्थिति और बिगड़ जाए। याचिकाकर्ता महिला ने बताया कि उनके पति मार्च 2025 से आईसीयू में भर्ती हैं।

Delhi High Court on sperm

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोमा में पड़े पति के शुक्राणु संरक्षित करने पर दी सहमति (फोटो-Istock)

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने हाल ही में एक अक्षम भारतीय सेना के सैनिक की पत्नी को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) उपचार के माध्यम से बच्चे को गर्भ धारण करने के लिए उसके शुक्राणु निकालने की अनुमति दी। 13 अप्रैल को दिए गए फैसले में न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि इस तरह के उपचार के लिए सैनिक की पूर्व सहमति तब भी लागू होगी जब वह अक्षम हो।

End of Feed