35 साल बाद रिश्वत केस से बरी हुए दो इंजीनियर, दिल्ली हाईकोर्ट ने पलटा ट्रायल कोर्ट का फैसला

करीब 35 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में Delhi High Court ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो इंजीनियरों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रही, इसलिए केवल पैसे की बरामदगी को दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

करीब 35 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो इंजीनियरों को बरी कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने 2002 में दोनों को दोषी ठहराया था, लेकिन अब अदालत ने कहा कि सीबीआई आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। इस फैसले के साथ लंबी कानूनी लड़ाई के बाद दोनों आरोपियों को राहत मिली। आरोपियों की तरफ से जाने माने वकील समीर चंद्रा ने उनका पक्ष हाईकोर्ट में रखा।

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