सुप्रीम कोर्ट' मेट्रो स्टेशन के साइन बोर्ड में बदल जाएगा इंगलिश नाम? हिंदी में क्या कहलाएगा

दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के हिंदी साइन बोर्ड पर देवनागरी लिपि में ’सर्वोच न्यायालय’ नाम ना लिखने पर कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम से सवाल किया। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा ऐसा करने में आपको दिक्कत क्या है?

दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली मेट्रो रेल निगम से पूछा कि ’सुप्रीम कोर्ट’ मेट्रो स्टेशन के हिंदी साइनबोर्ड पर देवनागरी लिपि में ’सर्वोच न्यायालय’ क्यों नहीं लिखा जा सकता। मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ उमेश शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मेट्रो स्टेशन के हिंदी साइनबोर्ड पर ’सर्वोच्च न्यायालय’ के बजाय ’सुप्रीम कोर्ट’ नाम लिखे जाने पर आपत्ति जताई गई थी।

Supreme Court Metro Station

सुप्रीम कोर्ट' मेट्रो स्टेशन (फोटो-PTI)

’सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ मेट्रो स्टेशन का हिंदी नाम ’केंद्रीय सचिवालय’

याचिकाकर्ता ने अपनी बात के समर्थन में बताया कि ’सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ मेट्रो स्टेशन का हिंदी नाम ’केंद्रीय सचिवालय’ है। अदालत ने केंद्र सरकार के वकील को उचित निर्देश प्राप्त करने को कहा। याचिकाकर्ता ने बताया कि राजभाषा अधिनियम और नियमों के अनुसार, केंद्र सरकार के कार्यालयों में सभी नियमावली, साइनबोर्ड और नामपट्टियां अंग्रेजी व हिंदी में होनी चाहिए और हिंदी का प्रयोग देवनागरी लिपि में होना चाहिए।

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