Delhi Faridabad Memu Train : दिल्ली-एनसीआर में लोगों का सफर आसान बनाने की दिशा में कवायते तेज हैं। केंद्र ने दिल्ली और फरीदाबाद के बीच नई ’मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट’ (एमईएमयू) रेल सेवा संचालित करने को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली और फरीदाबाद के बीच नई मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (एमईएमयू) रेल सेवा संचालित करने को स्वीकृति प्रदान कर दी। इससे दिल्ली और फरीदाबाद के बीच प्रतिदिन आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली-फरीदाबाद मेमू ट्रेन (फोटो-AI)
दरअसल, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन रोजगार, शिक्षा, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए दिल्ली आते हैं। लंबे समय से स्थानीय नागरिकों और दैनिक यात्रियों द्वारा अतिरिक्त और सुविधाजनक रेल सेवा की मांग की जा रही थी। मौजूदा परिवहन व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव होने के कारण यात्रियों को भीड़, देरी और असुविधा का सामना करना पड़ता था।
अब एमईएमयू सेवा शुरू होने से यात्रियों को तेज, सुलभ और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बयान के मुताबिक, एमईएमयू भारतीय रेलवे की आधुनिक इलेक्ट्रिक यात्री रेल सेवा है, जिसे मुख्य रेल मार्गों पर कम और मध्यम दूरी के दैनिक आवागमन के लिए विकसित किया गया है। यह ईएमयू रेल सेवा का विस्तारित रूप है, जिसका उपयोग शहरों के भीतर नहीं बल्कि शहरों और आसपास के कस्बों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए किया जाता है।
दिल्ली-फरीदाबाद मेमू की टाइमिंग
दिल्ली-फरीदाबाद मेमू (MEMU) ट्रेन पुरानी दिल्ली और फरीदाबाद के बीच सुबह 5 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 12 बजे के बीच के लंबे अंतराल को कम करेगी। नई मेमू ट्रेन नंबर (64038) पुरानी दिल्ली से 10 बजकर 30 मिनट पर रवाना होकर 11 बजकर 45 मिनट पर फरीदाबाद स्टेशन पहुंचाएगी। इसी तरह वापसी में मेमू ट्रेन नंबर (64037) दोपहर 2 बजे फरीदाबाद से रवाना होकर 3 बजकर 45 मिनट पर पुरानी दिल्ली पहुंचेगी।
मेमू ट्रेन की स्पीड
मेमू ट्रेनें आम तौर पर 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं और दैनिक यात्रियों, कार्यालय जाने वालों और छात्रों के लिए परिवहन का एक तेज, किफायती और सुविधाजनक साधन मानी जाती हैं। इनकी डिजाइन से यात्रियों का चढ़ना और उतरना आसान हो जाता है, जिससे कम दूरी की यात्रा सुगम और अधिक कुशल हो जाती है। आधुनिक मेमू ट्रेनें एलईडी लाइटिंग, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, बायो-टॉयलेट, सीसीटीवी कैमरे और ऊर्जा-कुशल तकनीक जैसी सुविधाओं से भी लैस हैं।
ईएमयू ट्रेन (Electric Multiple Unit) बिजली से चलती है और खासतौर पर कम दूरी और उपनगरीय रूटों पर संचालित की जाती है। हालांकि, इसमें अलग से इंजन लगाने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इसके डिब्बों में ही मोटर लगी होती है। यही वजह है कि EMU ट्रेनें तेजी से रफ्तार पकड़ती हैं और बार-बार रुकने वाले रूटों पर बेहद उपयोगी मानी जाती हैं।
मेमू और एमु ट्रेन में क्या अंतर है?
मेमू का मतलब मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट होता है। एमु के मुकाबले इस ट्रेन में कुछ अधिक एडवांस फीचर्स होते हैं। इसका इस्तेमाल 200 किलोमीटर से अधिक दूरी के रूटों के लिए किया जाता है। हालांकि, एमु ट्रेन की तर्ज पर ही मेमू ट्रेन में हर चार कोच के बाद एक पावर कार लगा होता है, जो ट्रेन में पावर सप्लाई करता है। जिसे एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में पेंटोग्राफ के नाम से जानते हैं।
क्या है मेमू ट्रेन (What is Memu Trains)
मेमू यानी मेनलाइल इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट। इन्हें आमतौर पर लंबी दूरी वाले मार्गों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मेमू ट्रेनें मुख्य मार्गों पर रोजाना चलती हैं। ये सब अर्बन सेक्शन से थोड़ा ज्यादा कवर करती हैं।
