दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-344G) यानी जिसे आप Delhi Dehradun Expressway के नाम से जानते हैं को लेकर एक और बड़ा अपडेट हम लेकर आए हैं। एक्सप्रेसवे के सबसे अहम हिस्सों में शामिल 50.7 किमी लंबे हरिद्वार स्पर (NH-344BG) का काम अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। परियोजना के अधिकांश ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क निर्माण का काम पूरा हो चुका है। अब यहां रोड मार्किंग, साइनेज तथा अन्य छोटे-मोटे फिनिशिंग कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के हरिद्वार स्पर की प्रोग्रेस रिपोर्ट
परियोजना की प्रगति पर नजर डाली जाए इसका निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। निश्चित तौर पर NHAI की कोशिश अगले साल जनवरी में शुरू होने वाले हरिद्वार कुंभ से पहले इसे चालू करने की होगी।
कहां से शुरू होता है हरिद्वार स्पर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के फेज-2 में हलगोया गांव (चेनज-108) से शुरू होने वाले इस स्पर के शुरुआती ट्रंपेट इंटरचेंज पर रोड मार्किंग तक का काम पूरा हो चुका है। स्पर के अधिकांश हिस्सों में मुख्य कैरिज-वे तैयार है और अब कुछ अंतिम चरण के काम ही बचे हैं, जिन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
हरिद्वार स्पर पर यहां बचा है काम
हालांकि, हरिद्वार स्पर के कुछ काफी अहम हिस्सों में अभी भी ठीक-ठाक काम बचा है। रुड़की बाईपास के पास इंटरचेंज रैंप के लिए अर्थवर्क का काम जारी है। बहादराबाद इलाके में टोल प्लाजा के एक हिस्से को नए फ्लाईओवर की अप्रोच रोड के लिए शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ रेलवे ओवरब्रिज (ROB), सीजनल रिवर ब्रिज और स्थानीय यातायात के लिए बनाए जा रहे ओवरपास के आसपास सड़क निर्माण या एक्सपेंशन जॉइंट का काम पूरा होना बाकी है। मुख्य कैरिज-वे के कुछ हिस्सों पर रोड की अंतिम लेयर भी अभी बिछाई जानी है।
ब्राउनफील्ड सेक्शन पर तेजी से हो रहा काम
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के हरिद्वार स्पर का बड़ा हिस्सा ग्रीनफील्ड सेक्शन के रूप में डेवलप किया गया है, जबकि हरिद्वार की ओर इसका अंतिम हिस्सा ब्राउनफील्ड सेक्शन है। यहां मौजूदा सड़क नेटवर्क के साथ इस स्पर को जोड़ा जा रहा है। बहादराबाद की ओर एलिवेटेड कॉरिडोर, स्ट्रीट लाइट, क्रैश बैरियर पेंटिंग और टोल इंफ्रास्ट्रक्चर का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। कुछ टोल प्लाजा के स्ट्रक्चर तैयार हो चुके हैं, जबकि एक इंटरचेंज पर टोल प्लाजा का निर्माण अभी शुरू भी नहीं हुआ है।
परियोजना की डेडलाइन क्या है?
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के हरिद्वार स्पर की आधिकारिक डेडलाइन 30 सितंबर 2026 तय की गई है, जिसमें अब ढाई महीने से कम समय बचा है। मानसून का मौसम और कांवड़ यात्रा के दौरान निर्माण गतिविधियों पर निश्चित तौर पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। इन सब चुनौतियों के चलते डेडलाइन तक काम पूरा होने की संभावना कम ही है।
क्या कुंभ 2027 तक पूरा हो जाएगा हरिद्वार स्पर का काम?
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का हरिद्वार स्पर रुड़की शहर को पूरी तरह बाईपास करता है। इससे दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की ओर से आने वाली गाड़ियां शहर के जाम में नहीं फसेंगी। एक्सेस-कंट्रोल्ड डिजाइन के चलते सफर तेज, सुरक्षित और निर्बाध होगा।
कितना प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है?
50.7 किमी लंबे और 6 लेन चौड़े इस एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे का काम लगभग 92 फीसद तक पूरा हो चुका है। जिस रफ्तार से इसका काम चल रहा है, उसे देखते हुए डेडलाइन तक इसका काम भले पूरा न हो पाए, लेकिन साल के अंत तक पूरा होने की पूरी उम्मीद है। यही नहीं इसी साल इस एक्सप्रेसवे को ट्रैफिक के लिए खोला भी जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो जनवरी 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुंभ के दौरान यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को कुंभ नगरी में पहुंचने में आसानी होगी।
नोट :- तस्वीरें और जानकारी इंफ्रा ब्लॉगर मोहित कुमार के सोशल मीडिया हैंडल https://x.com/DetoxTravellerr से साभार ली गई हैं।
