दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जिनका एकमात्र मकसद देश और जनता को गुमराह करना है। उन्होंने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा कि आयोग अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ा रहा है।
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (फाइल फोटो)
रेखा गुप्ता ने कहा कि आज विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें रही हैं, वहां चुनावी प्रक्रिया में इसी तरह की पारदर्शिता और जवाबदेही देखने को मिली थी या नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल एक अखबार में छपे आर्टिकल के आधार पर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाना कितना सही है, इस पर सवाल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने खुद पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया है और अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि SIR के तहत Form 6 के साथ एक अलग घोषणा-पत्र यानी Annexure-D की व्यवस्था की गई है।
वोट कटने के आरोपों पर CM का जवाब
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के नाम के आधार पर मतदान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को ही ‘वोट चोरी’ के रूप में पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “वो कहते हैं इतने वोट कट गए, वो लोग जो शिफ्ट हो गए, जो नहीं रहे, आप उनके आधार पर वोट कराते थे, तभी वोटिंग प्रतिशत कम आता था। ऐसे ही वोट कटे।” रेखा गुप्ता ने चुनाव आयोग के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि “इलेक्शन कमीशन शानदार काम कर रहा है।” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले इस पूरे मामले को समझना चाहिए।
राहुल गांधी पर भी तीखा हमला
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी जैसे लोगों की ओर से कही जा रही बातें “देशद्रोह” हैं। उन्होंने विपक्ष पर चुनाव आयोग को लेकर आरोप लगाकर देश को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है। इसके बावजूद लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को ‘वोट चोरी’ कहना सही नहीं है।
