Delhi Budget 2026 Highlights: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज सदन में दिल्ली के विकास का 'ब्लूप्रिंट' पेश किया। उन्होंने कहा कि केंद्र, नगर निगम और राज्य सरकार की साझा शक्ति से दिल्ली अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है। बजट में न केवल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर जोर दिया गया है, बल्कि समाज के हर वर्ग, चाहे वो महिलाएं हों, बच्चे हों, बुजुर्ग हों, ट्रांसजेंडर समुदाय या पशु-पक्षी सभी का ख्याल रखा गया है।
दिल्ली बजट की 10 बड़ी बातें
1. महिलाओं को आर्थिक पंख: 2,500 की मासिक सहायता
चुनाव के समय किए गए वादे को निभाते हुए सरकार ने महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद देने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जल्द ही इसके लिए एक पोर्टल शुरू होगा, जहां पात्र महिलाएं आवेदन कर सकेंगी।
2. बेटियों के लिए 'मुफ्त साइकिल' और मेधावियों को लैपटॉप
शिक्षा के क्षेत्र में दो क्रांतिकारी घोषणाएं की गई हैं। 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली करीब 1.30 लाख छात्राओं को स्कूल आने-जाने की सुविधा के लिए मुफ्त साइकिल दी जाएगी। वहीं, 10वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे।
3. 'पिंक सहेली कार्ड' और मुफ्त सफर
बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर के लिए अब कागजी टिकटों की जगह डिजिटल 'पिंक सहेली कार्ड' चलेगा। खास बात यह है कि इस सुविधा में अब ट्रांसजेंडर नागरिकों को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए बजट में 450 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
4. स्वास्थ्य सेवा: आयुष्मान भारत में ट्रांसजेंडर और 'अनमोल' योजना
मुख्यमंत्री ने कहा, "इलाज अधिकार है, उपकार नहीं।" स्वास्थ्य के लिए 12,645 करोड़ आवंटित किए गए हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय अब आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले सकेगा। साथ ही, नवजात बच्चों की 56 तरह की मुफ्त जांच के लिए 'अनमोल योजना' शुरू की गई है।
5. दिल्ली का 'ग्रीन बजट' और सौर ऊर्जा
पर्यावरण को बचाने के लिए बजट का 21% हिस्सा (822 करोड़) ग्रीन पहलों पर खर्च होगा। नालों के ऊपर सोलर पैनल लगाने और प्रदूषण रोकने के लिए वर्ल्ड बैंक की मदद से 300 करोड़ का विशेष फंड बनाया गया है।
6. बिजली और सुरक्षा: अंडरग्राउंड होंगी तारें
दिल्ली को सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिए 3,942 करोड़ रुपये का बिजली बजट रखा गया है। चांदनी चौक की तर्ज पर पूरी दिल्ली में लटकती बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 200 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान है।
7. इंफ्रास्ट्रक्चर: 700 KM नई सड़कें और एंट्री गेट
सड़कों को धूल मुक्त करने और जाम से निजात दिलाने के लिए 1,392 करोड़ खर्च होंगे, जिससे 700 किमी से अधिक सड़कें बनेंगी। दिल्ली की सीमाओं पर 13 भव्य एंट्री गेट बनाए जाएंगे, जो शहर की नई पहचान बनेंगे।
8. हर जिले में 'मिनी सचिवालय'
प्रशासनिक कामों के लिए अब लोगों को दूर नहीं जाना होगा। दिल्ली के हर जिले में एक मिनी सचिवालय बनेगा, जहाँ एक ही छत के नीचे सभी सरकारी काम और प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा मिलेगी।
9. महिलाओं के लिए 'रानी हाट' और ई-ऑटो
हुनरमंद महिलाओं के उत्पादों को बाजार देने के लिए 'रानी हाट' बनाया जाएगा। साथ ही, 1,000 महिलाओं को मुफ्त ई-ऑटो परमिट दिए जाएंगे (जिसमें 100 परमिट ट्रांसजेंडर्स के लिए सुरक्षित हैं) ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
10. आधुनिक सुविधाएं: 1000 स्मार्ट शौचालय और गेस्ट हाउस
स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में 1,000 मॉडर्न शौचालय बनेंगे, जिनका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। साथ ही, अतिथियों के लिए दिल्ली का अपना एक राजकीय सदन (गेस्ट हाउस) भी तैयार किया जाएगा।
