LIVEDelhi NCR AQI-Pollution Updates: दिल्ली ही नहीं...पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी के ऊपर छाई है धुंध की चादर- सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

Delhi NCR AQI-Pollution Updates: दिल्ली ही नहीं...पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी के ऊपर छाई है धुंध की चादर- सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
Delhi AQI - Air Quality Index Updates, Delhi NCR Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के हिस्सों में पॉल्यूशन (प्रदूषण) अभी भी जनता का दम निकाल रहा है। बुधवार (आठ नवंबर, 2023) सुबह भी शहर में सुबह से धुंध की चादर छाई रही। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली की एयर क्वालिटी फिलहाल "गंभीर" श्रेणी में ही है। हैरत की बात है कि वायु प्रदूषण को लेकर यह स्थिति दिवाली के पहले है। ऐसे में समझा जा सकता है कि दीपावली के बाद (संभवतः पटाखों के चलते) इसका स्तर और बढ़ सकता है। वैसे, प्रदूषण के चलते राजधानी में लोगों को गले में खांसी और आंखों में जलन से जुड़ी शिकायत देखने को मिल रही है। वैसे, प्रदूषण की मार दिल्ली और उसके आसपास के हिस्सों पर नहीं पड़ी है बल्कि इसका असर व्यापक स्तर पर दिखा है। हाल ही में सामने आई कुछ सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि स्मॉग यानी खतरनाक धुंध की चादर पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक छाई हुई है। नीचे, कार्ड सेक्शन में जानिए प्रदूषण से जुड़े पल-पल के अपडेट्सः
दिल्ली में पहली बार होगी कृत्रिम बारिश
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आईआईटी कानपुर की टीम के साथ बैठक की। इस दौरान कृत्रिम बारिश की संभावना को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया गया। आईआईटी की टीम इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। 20-21 नवंबर को बारिश कराई जा सकती है।
दिल्ली में समय से पहले सर्दियों की छुट्टी
लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के स्कूलों में समय से पहले ही सर्दियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने 9 से 18 नवंबर तक स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
IIT कानपुर के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे गोपाल राय
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय प्रदूषण की स्थिति के मद्देनजर दिल्ली में 'कृत्रिम बारिश' की गुंजाइश पर चर्चा के लिए आज अपने आवास पर आईआईटी कानपुर की एक टीम के साथ बैठक करेंगे।
पंजाब से फेज वाइज बाहर हो धान की फसल- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले साल तक पराली की घटनाओं को रोकने के लिए धान के बजाए दूसरी फसलों के विकल्प पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा, चरणबद्ध तरीके से यह तभी हो सकता है जब केंद्र सरकार की ओर से धान नहीं बल्कि अन्य फसलों की खेती के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाए।
दूसरे राज्यों की OLA Uber की दिल्ली में नो एंट्री
केजरीवाल सरकार ने दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड OLA Uber समेत अन्य कैब की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगा दी है। यह फैसला दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर किया गया है।
हाथ पर हाथ धरे हैं दिल्ली के आसपास के राज्य?
राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पड़ोसी राज्यों पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा है- मैं लगातार केंद्र सरकार से कह रहा हूं कि इस मसले पर संयुक्त रूप से काम किया जाना चाहिए। शहर में हम लगातार ग्रैप के नियमों को लागू कर रहे हैं, पर हमारे पड़ोसी राज्य चुपचाप बैठे हैं। मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नियमों का पालन होगा।
प्रदूषण को लेकर पड़ोसी सूबों पर बरसे आप के मंत्री, कही यह बात
प्रदूषित हवा सीमाओं से बंधी नहीं हैं, पर्यावरण को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी: खट्टर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को कहा कि प्रदूषित हवा सीमाओं तक सीमित नहीं है और दावा किया कि दिल्ली के साथ साथ उनके राज्य में भी लोग पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं से पीड़ित हैं, जहां पराली जलाने के कई मामले रिपोर्ट किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और पर्यावरण को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता बुधवार सुबह खराब रही। पड़ोसी राज्यों में धान की कटाई के बाद पराली जलाने से निकलने वाले धुएं का राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले वायु प्रदूषण में एक तिहाई योगदान है।
प्रदूषण के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए : पूर्व उपराष्ट्रपति नायडू
पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को कहा कि केंद्र, दिल्ली सरकार और पड़ोसी राज्यों को शहर में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए आम सहमति से एक फार्मूला विकसित करना चाहिए और इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। समस्या से निपटने के लिए तत्काल उपाय करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है क्योंकि यह युवाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। नायडू ने यहां चुनिंदा पत्रकारों के एक समूह से कहा, “वायु प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि दिल्ली भारत की राजधानी है और इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि हालांकि यह मूल रूप से दिल्ली सरकार का कर्तव्य है, लेकिन यह केंद्र और राज्यों की भी जिम्मेदारी है कि वे एक साथ आएं और इस समस्या से निपटने के लिए एक समय-सीमा आधारित कार्यक्रम विकसित करें।
पॉल्यूशन को लेकर यूं हुआ मंथन
कनॉट प्लेस में बंद पड़े स्मॉग टावर के निरीक्षण के लिए दिल्ली सरकार ने भेजी टीम
दिल्ली सरकार ने कनॉट प्लेस में लगे उसे 'स्मॉग टावर' का निरीक्षण करने के लिए बुधवार को एक टीम भेजी, जिसे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के अध्यक्ष अश्वनी कुमार के 'एकतरफा' निर्देशों के बाद बंद कर दिया गया था। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को स्मॉग टावर को चालू करने का निर्देश दिया था। दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में बुधवार को सुबह वायु गुणवत्ता फिर से 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से फैल रहा धुआं राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण में एक-तिहाई योगदान दे रहा है। दिल्ली में मंगलवार को शाम चार बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 395 से और ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गया तथा 421 दर्ज किया गया था। एक अधिकारी ने बताया, ''दिल्ली सरकार के अधिकारियों की एक टीम को स्मॉग टावर के निरीक्षण के लिए भेजा गया है, जो सुनिश्चित करेगी कि टावर फिर से, तत्काल काम करे।''
दिल्ली में वायु गुणवत्ता फिर 'गंभीर' श्रेणी में, पराली जलाना सबसे बड़ी वजह
दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में बुधवार को सुबह वायु गुणवत्ता फिर से 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण में एक-तिहाई योगदान पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से फैल रहे धुएं का है। दिल्ली में मंगलवार शाम चार बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 421 दर्ज किया गया जो पहले 395 था। प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट आने के बावजूद पीएम2.5 (सूक्ष्म कण जो सांस लेने पर श्वसन प्रणाली में प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं) की सांद्रता 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से सात से आठ गुना अधिक रही। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित स्वस्थ सीमा (15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से 30 से 40 गुना अधिक है। पड़ोसी हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी हानिकारक वायु गुणवत्ता दर्ज की गयी। गाजियाबाद में एक्यूआई 382, गुरुग्राम में 370, नोएडा में 348, ग्रेटर नोएडा में 474 और फरीदाबाद में 396 एक्यूआई दर्ज किया गया।
क्या है ऑड-ईवन स्कीम?
वर्ष 2016 में शुरू की गई सम-विषम वाहन योजना (ऑड-ईवन स्कीम) में वाहनों को उनकी विषम या सम नंबर प्लेट के आधार पर वैकल्पिक दिनों में चलाने की अनुमति होती है। जब से दिल्ली सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस योजना का उपयोग शुरू किया है उसके बाद से अगले सप्ताह चौथी बार इस योजना को लागू करने का ऐलान किया गया है।
दिल्लीः ऑड-ईवन को लेकर पर्यावरण मंत्री ने बुलाई बैठक
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 'ऑड-ईवन' कार योजना पर उच्चतम न्यायालय के सुझावों के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए तत्काल बैठक बुलाई।
कर्तव्य पथ पर सुबह ऐसा था नजारा
दिल्ली में खतरनाक श्रेणी में एक्यूआई दर्ज
देश की राजधानी दिल्ली में खतरनाक श्रेणी में एक्यूआई दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली के तमाम इलाकों के साथ एनसीआर में भी 450 के आसपास एक्यूआई दर्ज किया जा रहा है। आनंद विहार में कल रात पीएम10 999 दर्ज किया गया है और पीएम 2.5 की बात करें तो 500 के आसपास दर्ज किया जा रहा है। आज दिल्ली में सड़कों पर विजिबिलिटी भी काफी कम नजर आ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगर कोई वेस्टर्न डिस्टरबेंस आने वाले दिनों में दस्तक देता है तो एयर क्वालिटी में कुछ सुधार हो सकता है वरना अगर हवा की गति धीमी रही तो स्थिति और खराब इसी तरह रहेगी।
दिल्ली में प्रदूषण अभी भी गंभीर श्रेणी में
प्रदूषण पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है सम-विषम योजना: दिल्ली कांग्रेस प्रमुख
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के प्रमुख अरविंदर सिंह लवली ने मंगलवार को दावा किया कि अतीत में कार चलाने की ‘सम-विषम’ योजना वायु प्रदूषण को रोकने में विफल रही है और इससे लोगों को केवल असुविधा हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली ‘गैस चैंबर’ बन गई है और सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को घोषणा की थी कि शहर में 13 से 20 नवंबर तक सम-विषम योजना लागू की जाएगी, जिसके बाद लवली ने यह बयान दिया है।
दिल्ली प्रदूषण: सम-विषम योजना क्या पहले सफल हुई- उच्चतम न्यायालय ने किया सवाल
वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार की सम-विषम योजना मंगलवार को उच्चतम न्यायालय की पड़ताल के दायरे में आयी, जिसने इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाया और कहा कि यह ‘‘दिखाने के लिए’’ लागू की जा रही। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को कम करने से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील से सवाल किया कि क्या सम-विषम योजना तब सफल हुई थी जब इसे पहले लागू किया गया था। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा, ‘‘यह सब दिखाने के लिए किया गया है, यही दिक्कत है।’’
दिल्ली-एनसीआर में चारों ओर धुंध ही धुंध, बिगड़ता जा रहा AQI
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलवार को भी दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रही सुबह के वक्त कई इलाकों में धुंध की चादर छाई रही, वहीं गुरुवार तक दिल्ली में प्रदूषण से कोई राहत नहीं मिलने के संकेत हैं, इसे देखते हुए दिल्ली में ऑड-ईवन को लागू किया जा रहा है।