Dehradun: त्रिपुरा के छात्र की हत्या के विरोध में नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स का कैंडल मार्च, न्याय की मांग

देहरादून में उत्तर-पूर्वी भारत के छात्रों पर हुए नस्लीय हमले ने एक बार फिर देश में छात्रों की सुरक्षा और नस्लीय भेदभाव के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा की मौत के बाद उत्तर-पूर्वी छात्र समुदाय में आक्रोश है और न्याय की मांग तेज हो गई है। इस घटना के विरोध में विभिन्न उत्तर-पूर्वी छात्र संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

Dehradun News: देहरादून में उत्तर-पूर्वी भारत के छात्रों पर हुए नस्लीय हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। त्रिपुरा के रहने वाले 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा की हत्या के बाद उत्तर पूर्वी छात्र समुदाय में गहरा आक्रोश है। इसी के विरोध में नॉर्थ ईस्ट छात्र संघों ने एकजुट होकर कैंडल मार्च निकाला और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की।

candle march

नॉर्थ ईस्ट छात्र संघ के सदस्य कैंडल मार्च निकालते हुए

नस्लीय गालियों के बाद चाकू से हमला

यह घटना देहरादून में हाल ही में सामने आई, जहां त्रिपुरा से आए दो युवक, एंजेल चकमा और माइकल चकमा पर कुछ स्थानीय युवकों ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर नशे की हालत में थे और उन्होंने दोनों की शक्ल-सूरत को लेकर आपत्तिजनक नस्लीय टिप्पणी की और विवाद बढ़ने पर चाकू से हमला किया, जिसमें एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद एंजेल चकमा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे करीब 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, माइकल चकमा इस हमले में घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।

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