राजस्थान का दृश्यम कांड! प्रिंस उर्फ टिल्लू हत्याकांड में बड़ा खुलासा; CCTV-GPR उठाएगी राज से पर्दा; एक्सप्रेसवे किनारे सर्च ऑपरेशन जारी

राजस्थान के दौसा में साल 2020 में घटित 4 वर्षीय प्रिंस ऊर्फ टिल्लू मर्डर केस में 6 साल बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पड़ोसियों ने मासूम की हत्या कर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे किनारे शव को मिट्टी में गाड़ दिया था। लिहाजा, जुर्म कबूल करने के बाद एक बार फिस से जेसीबी द्वारा शव के अवशेष निकालने का प्रयास जारी है।

Prince Tillu Murder Case : दौसा का बहुचर्चित टिल्लू उर्फ प्रिंस हत्याकांड छह साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। 24 फरवरी को करीब साढ़े तीन घंटे तक जेसीबी से खुदाई की गई और 25 फरवरी को भी पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में सर्च ऑपरेशन जारी रहा। वहीं गुरुवार को भी पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई और उसी के बाद अब प्रशासन ने दोबारा खुदाई का कदम उठाया है। फिलहाल, एक्सप्रेसवे के आसपास की इस जमीन को खंगाला जा रहा है। मानो यहां दफन हो कोई ऐसा राज। जो छह साल से इंसाफ का इंतजार कर रहा हो।

बहुचर्चित प्रिंस उर्फ टिल्लू हत्याकांड में जांच ने अब नया और हाईटेक मोड़ ले लिया है। बांदीकुई पुलिस ने दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर जांच तेज कर दी है। वर्ष 2020 के सर्वे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। इन्हीं सुरागों के आधार पर अब एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। सबसे खास बात यह है कि पुलिस आज दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर GPR (ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार) मशीन से जमीन का स्कैनिंग सर्वे करवा रही है। इस हाईटेक तकनीक से जमीन के नीचे मौजूद शव, असामान्य संरचनाओं का पता लगाया जाएगा।

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