Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के दमोह के जबलपुर नाका इलाके में एक निजी मैरिज गार्डन में रविवार को आयोजित एक वर-वधु परिचय सम्मेलन विवादों के घेरे में आ गया। सम्मेलन में प्रदेश भर से जुटे हजारों लोगों ने आयोजन समिति पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। दरअसल राधिका फाउंडेशन सेवा समिति नामक संस्था द्वारा सर्व हिंदू समाज के लिए प्रदेश स्तरीय परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। विज्ञापन के माध्यम से दावा किया गया था कि यहां कुंवारे, विधवा, विधुर, तलाकशुदा और दिव्यांगों के लिए रिश्ते तय किए जाएंगे। कार्यक्रम शुरू होते ही अव्यवस्थाएं दिखनी शुरु हो गई।
दमोह में वर-वधु परिचय सम्मेलन के दौरान विवाद
लड़की पक्ष का कोई भी परिवार मौजूद नहीं
लड़का पक्ष के लोगों का आरोप है कि उनसे ₹1100 प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया गया, लेकिन मौके पर लड़की पक्ष का कोई भी परिवार मौजूद नहीं था। खुद को ठगा महसूस कर रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दोपहर 3:00 बजे मुख्य मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। परिचय सम्मेलन में पहुंचे लोगों ने जानकारी दी कि 13 तारीख को पैसे भरवाए गए थे और इस जगह पर बुलाया गया था लेकिन यहां पर कोई लड़की पक्ष का मौजूद नहीं है। हमारे साथ धोखा हुआ है।
पैंपलेट में किए गए थे बड़े-बड़े वादे
आयोजन समिति द्वारा बांटे गए पैंपलेट में बड़े-बड़े वादे किए गए थे, जो अब जांच का विषय हैं। समिति ने शादी तय होने पर 21 प्रकार की सामग्री देने का लालच दिया था, जिसमें गोदरेज अलमारी, सिंगल बेड, फ्रिज, टीवी, मिक्सी, गैस चूल्हा, बेडशीट, स्टील टंकी, और दुल्हन के लिए श्रृंगार सामग्री शामिल है। समिति का कहना है कि यह एक सामाजिक आयोजन है।
समिति ने क्या दावा किया?
समिति ने स्वीकार किया कि लड़कों से ₹1100 लिए गए हैं जबकि लड़कियों के लिए यह निशुल्क है। समिति का दावा है कि रिश्ते तय होने के बाद आगामी समय में सामूहिक विवाह कराए जाएंगे। हाईवे पर जाम की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसडीएम सौरव गंधर्व ने बताया कि परिचय सम्मेलन में गड़बड़ी और लोगों के हंगामे की जानकारी मिली है। अधिकारियों को मौके पर भेजकर मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
