विधानसभा चुनाव जीते बिना CM बनते रहे Nitish Kumar, जानें क्यों करते रहे बैकडोर से एंट्री?

नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ ली और बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। बिना चुनाव लड़े सत्ता में बने रहने की उनकी रणनीति फिर चर्चा में है।

Nitish Kumar Politics: बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभालने वाले Nitish Kumar ने अब नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हुए दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली है। चर्चा है कि नीतीश आज ही अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप सकते हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और एक बार फिर उनके “बैकडोर एंट्री” वाले राजनीतिक सफर पर चर्चा शुरू हो गई है।

nitish kumar

आज नीतीश का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा

बिना विधानसभा लड़े रहे मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर बेहद दिलचस्प रहा है। उन्होंने आखिरी बार 1985 में विधानसभा चुनाव जीता था। इससे पहले 1977 और 1980 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने राज्य की राजनीति से दूरी बनाते हुए राष्ट्रीय राजनीति का रुख किया और लोकसभा में लगातार छह बार जीत दर्ज की। हालांकि, मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कभी भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। इसके बावजूद वह वर्षों तक सत्ता में बने रहे। इसका प्रमुख कारण बिहार में मौजूद विधान परिषद (Legislative Council) की व्यवस्था है, जो उन्हें बिना सीधे चुनाव जीते मुख्यमंत्री बने रहने की अनुमति देती रही।

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