भोपाल शहर में निर्मित भवनों के अधिभोग उल्लंघन (Occupancy Violation) से जुड़े मामलों में नगर निगम फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन की प्रक्रिया और नीतिगत पहलुओं पर सुझाव देने के लिए राज्य शासन एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगा। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया तय की जाएगी।
CM डॉ. मोहन यादव ने ली अधिकारियों की बैठक
बैठक में तय किया गया कि सुप्रीम कोर्ट के सिविल अपील क्रमांक 14604/2024 में 17 दिसंबर 2024 को पारित आदेश और विविध अपील डायरी क्रमांक 1713/2026 में पारित आदेश के अनुपालन के लिए समिति सभी संबंधित पहलुओं का अध्ययन करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद सरकार रिपोर्ट पर विचार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत नगर निगम भोपाल को जरूरी कार्रवाई के निर्देश देगी।
अपर मुख्य सचिव होंगे समिति के अध्यक्ष
समिति की अध्यक्षता नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव, श्रम विभाग के सचिव, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव, पर्यावरण विभाग के उप-सचिव और आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश सदस्य होंगे।
कलेक्टर भोपाल और नगर निगम आयुक्त को समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया जाएगा। समिति अदालत के आदेशों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी।
ये लोग भी रहे बैठक में सामिल
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, संकेत भोंडवे, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश कौशलेन्द्र सिंह, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा , आयुक्त नगर निगम संस्कृति जैन सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
