MP News: मध्य प्रदेश की प्रगति को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे ने राज्य के लिए सफलता के नए रास्ते खोले हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई दिग्गज मंत्रियों से मुलाकात की। इन बैठकों का सबसे बड़ा सकारात्मक परिणाम 'भावांतर भुगतान योजना' के विस्तार और फसलों की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद के रूप में सामने आया है।
CM मोहन यादव और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की बैठक में बड़ा फैसला
सरसों और तुअर किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्य प्रदेश के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इसका सीधा लाभ राज्य के सरसों उत्पादक किसानों को मिलेगा। अब बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि (भावांतर) सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा। इस निर्णय से दाल उत्पादक किसानों को बाजार में कीमतों के गिरने के जोखिम से मुक्ति मिलेगी और उन्हें अपनी पूरी उपज का सही दाम मिलना सुनिश्चित होगा।
फसल बीमा और तकनीक का संगम
बैठक में किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर भी गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के सुझाव पर अब सोयाबीन जैसी फसलों के नुकसान का आकलन केवल सैटेलाइट डेटा से नहीं, बल्कि 'क्रॉप कटिंग' और 'रिमोट सेंसिंग' दोनों तरीकों से किया जाएगा। इससे किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर सटीक और त्वरित मुआवजा मिल सकेगा। प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मना रही है, जिसका उद्देश्य खेती को लाभ का धंधा बनाना है।
खाड़ी युद्ध का साया और कालाबाजारी पर प्रहार
वैश्विक स्तर पर चल रहे खाड़ी युद्ध के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की आंतरिक व्यवस्थाओं पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार विश्व की स्थितियों पर नजर रखे हुए है। राज्य में LPG और CNG की कालाबाजारी को पूरी तरह से रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि प्रदेश में गैस और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और किसी भी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।
नदी जोड़ो परियोजना और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
बैठक के दौरान केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के लिए जल शक्ति मंत्रालय लगभग एक-एक लाख करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने वाला है। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि 'नल-जल योजना' के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में सबसे तेज गति से काम करने वाला राज्य बना है। साथ ही, वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और जल जीवन मिशन के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सहमति बनी।
