Jammu Kashmir Rain Havoc: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलधार बारिश कहर बरपा रही है। बारिश जनित घटनाओं के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बुधवार तक प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से मृतकों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है, जिनमें से 34 लोगों की मौत वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में हुई। हालांकि बारिश में कुछ कमी आने से राहत कार्य में तेजी आई है।
जम्मू-कश्मीर में बारिश से तबाही का मंजर (ANI)
जम्मू-कश्मीर में, मंगलवार सुबह से 24 घंटों में उधमपुर में 629.4 मिमी और जम्मू में 380 मिमी बारिश के साथ बारिश के नए रिकॉर्ड बने हैं। क्षेत्र में उफनती नदियों में पूर्वाह्न 11 बजे से कमी के संकेत दिखाई दिए। लेकिन अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी बाढ़ की चेतावनी के निशान को पार कर गई और कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में पानी घुस गया।
बारिश के कारण उफान पर नदी-नाले
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में जलाशयों के उफान पर आने और अचानक आई बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, आवासीय भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों से 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। अखनूर सेक्टर में उफनती नदी के तेज़ बहाव में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान बह गया। बाद में उसका शव बरामद कर लिया गया।
जम्मू-कश्मी में आज भी बंद रहेंगे स्कूल
शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने घोषणा की कि जम्मू कश्मीर में शैक्षणिक संस्थान बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए गुरुवार को बंद रहेंगे। उत्तर रेलवे ने बारिश से हुई तबाही के मद्देनजर बुधवार को जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेन को रद्द कर दिया जबकि 64 ट्रेन को विभिन्न स्टेशनों पर बीच में ही रोक दिया गया। एक दिन के निलंबन के बाद रेल यातायात बुधवार सुबह कुछ समय के लिए बहाल हुआ और जम्मू से छह ट्रेन रवाना हुईं। अधिकारियों ने बताया कि चक्की नदी क्षेत्र में बाढ़ और मिट्टी के कटाव के कारण यातायात फिर से रुक गया है। वैष्णो देवी के यात्रा मार्ग में भूस्खलन की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। मृतकों में से अब तक 24 की पहचान हो चुकी है। इनमें से 14 महिलाएं हैं। वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा दूसरे दिन भी स्थगित रही।
(इनपुट - भाषा)
