चंडीगढ़/जयपुर : दिल्ली के इतर अन्य शहरों में नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की घेराबंदी तेज हो गई है। बुधवार को विभिन्न हिस्सों में विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध-प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ में किसानों और कांग्रेस का आक्रोश दिखा, तो राजस्थान के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘जेल भरो’ आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर, दिल्ली के जंतर मंतर समेत कई जगहों पर युवा विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब में अब बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ आवाज उठा दी है। इधर, दिल्ली में कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के घेराव के विरोध में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव कर रही है।
जयपुर में कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का प्रदर्शन
जयपुर में भाजपा का प्रदर्शन
जयपुर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के लिए राजस्थान कांग्रेस ऑफिस की ओर मार्च किया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा।
चंडीगढ़ में किसान और कांग्रेस आमने-सामने
चंडीगढ़ में बीकेयू (टिकैत) ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और फसल बीमा सुधार सहित कई मांगों को लेकर सेक्टर 35 के किसान भवन से सेक्टर 33 स्थित भाजपा कार्यालय 'कमलम' तक मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि, भारी पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिससे पुलिस और किसानों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। बीकेयू चंडीगढ़ प्रधान कुलदीप सिंह कुड्डू ने इसे देशव्यापी कार्यक्रम बताते हुए कहा कि सरकार को किसानों की मांगों पर तुरंत अमल करना चाहिए। बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा मौके पर पहुंचे और किसानों से उनका मांग पत्र लिया। इसी बीच, कांग्रेस कार्यालय के बाहर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
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राजस्थान: 'जेल भरो' आंदोलन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
उधर राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी और नीट पेपर लीक मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है। नागौर में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट तक मार्च निकाला गया और ‘जेल भरो’ आंदोलन का ऐलान किया गया। जालोर के सांचौर में पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई ने रैली निकालकर सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया।
जैसलमेर और अजमेर में भी कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। जैसलमेर में तो स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी सांकेतिक गिरफ्तारी देने के लिए कोतवाली थाने पहुंच गए। एहतियात के तौर पर पुलिस को थानों के मुख्य द्वार बंद करने पड़े। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार नीट परीक्षा प्रणाली की विफलता को छिपाने के लिए राहुल गांधी की आवाज दबा रही है।
