Cyclone Arnab: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) का असर अब छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखने लगा है, जिससे राज्य के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बिगड़ गया है। भारी बारिश, तेज हवाओं और खराब मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए 29 अक्टूबर को राज्य के 12 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इनमें रायपुर, बिलासपुर, महासमुंद, धमतरी और कांकेर समेत अन्य जिले शामिल हैं। वहीं, बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
सांकेतिक फोटो
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। तेज हवाओं से जनजीवन और आवागमन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान बिना वजह घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
बलरामपुर में 30 अक्टूबर को रहेगा मुख्य प्रभाव
चक्रवात का असर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भी देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन के मुताबिक, 29 अक्टूबर की दोपहर बाद से ही आसमान में बादल छाने लगे हैं, जबकि 30 अक्टूबर को चक्रवात का सबसे अधिक प्रभाव रहेगा। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश की आशंका जताई गई है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने, बिजली के खंभों, कमजोर पेड़ों और संरचनाओं से दूर रहने की अपील की है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
खराब मौसम और चक्रवात का सीधा प्रभाव किसानों की फसलों पर पड़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की फसलें कट चुकी हैं, वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों पर ढंककर रख दें। साथ ही, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
