Punjab's Rail Roko Andolan: पंजाब में गुरुवार (28 सितंबर, 2023) से किसानों के रेल रोको आंदोलन का आगाज हो गया। तीन दिन चलने वाले इस आंदोलन के दौरान वे अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाएंगे। किसान नेता और आंदोलन में शामिल होने वाले प्रदर्शनकारी इस दौरान ट्रैक पर बैठकर न सिर्फ धरना देंगे बल्कि चक्का जाम करने का भी प्रयास करेंगे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सूबे में कई जगह रेल सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। आइए, जानते हैं इस रेल रोको आंदोलन से जुड़ी सारी बड़ी और अहम बातें:
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
कब तक चलेगा आंदोलन?
किसानों का यह तीन दिवसीय आंदोलन है, जो कि 28 सितंबर से 30 सितंबर, 2023 तक चलेगा।...तो यहां दिखेगा असर
पंजाब में इस रेल रोको आंदोलन का असर प्रमुख तौर पर 12 जगह देखने को मिलेगा। ये जगहें इस प्रकार हैं: मोगा, होशियारपुर, गुरदासपुर के बटाला, जालंधर कैंट, तरनतारन, सुनाम, नाभा, फिरोजपुर में बस्ती टैंकवाली और मल्लांवाला, बठिंडा में रामपुरा और अमृतसर में देवीदासपुरा। प्रदर्शनकारी इन्हीं लोकेशंस पर रेल ट्रैक जाम करेंगे।तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
आंदोलन के पीछे हैं ये लोग
आंदोलन का ऐलान किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर की ओर से किया गया था। उनके मुताबिक, रेल रोको आंदोलन में उत्तर भारत के छह सूबों (पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) के 19 किसान संगठन हिस्सा लेंगे। संगठनों के नाम इस प्रकार हैं: Kisan Mazdoor Sangharsh Committee, Bharti Kisan Union (Krantikari), Bharti Kisan Union (Ekta Azaad), Azaad Kisan Committee Doaba, Bharti Kisan Union (Behramke), Bharti Kisan Union (Shaheed Bhagat Singh), Bharti Kisan Union (Chottu Ram), Kisan Mahapanchayat (Haryana), Pagri Sambhal Jatta (Haryana), Progressive Farmer Front (Uttar Pradesh), Bhoomi Bachao Muhim (Uttarakhand) और Rashtriya Kisan Sangathan (Himachal Pradesh)।इनकी प्रमुख मांगें क्या हैं?
- उत्तर भारत में बाढ़ पीढ़ितों को आर्थिक पैकेज दिया जाए
- सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी
- कर्ज माफी आदि।
