Navratri 2022: शारदीय नवरात्र कल से शुरू हो रहे है। नवरात्रि पर लाखों भक्तों के आगमन को देखते हुए पंचकूला स्थित माता मनसा देवी के दरबार को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविध के लिए भी खास प्रबंध भी किए गए हैं। माता के दरबार तक पहुंचने के लिए चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की तरफ से चंडीगढ़ आईएसबीटी जहां स्पेशल बसें शुरू की गई हैं। वहीं, हरियाणा परिवहन विभाग की तरफ से राज्य के अलग-अलग हिस्सों से भी अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा मोहाली के जीरकपुर से भी भक्तों के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
नवरात्री के लिए मनसा देवी मंदिर में भव्य तैयारियां जारी (फोटो- फेसबुक)
वहीं दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी मंदिर की धर्मशालाओं में ठहरने के लिए विशेष प्रबंध किया गया है। नवरात्र के दिनों में लाखों श्रद्धालुओं के मां मनसा देवी के दरबार में हाजरी लगाने की उम्मीद है। इसलिए मां के दर्शन के लिए भी खास व्यवस्था की गई है। मंदिर आने वाले भक्त इस बार ऑनलाइन ई-टोकन लेकर मां के दर्शन कर पाएंगे। ई-टोकन से दर्शन करने के लिए 100 रुपये का भुगतान कर पंजीकरण करवाना होगा। वहीं, माता का चोला चढ़ाने की 3100 रुपये की राशि निश्चित की गई है। इसके अलावा यहां पर मंदिर भंडारा समिति की तरफ से परिसर में 3 जगह तीनों समय भक्तों को प्रसाद उपलब्ध करवाया जाएगा।
राजा ने बनवाया था मंदिर
बता दें कि माता मनसा देवी में चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश से नवरात्रि में लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कहा जाता है कि जहां पर आज मां मनसा देवी का मंदिर है, यहां पर सती माता का मस्तक गिरा था। मनसा देवी का मंदिर पहले मां सती के मंदिर के नाम से जाना जाता था। इस सिद्ध शक्तिपीठ मदिंर का निर्माण मनीमाजरा के राजा गोपाल सिंह ने मनोकामना पूरी होने पर सन् 1815 में पूर्ण करवाया था। मुख्य मदिंर में माता की
मूर्ति स्थापित है। साथ ही यहां पर तीन पिंडियां हैं, जिन्हें मां का रूप ही माना जाता है। ये तीनों पिंडियां महालक्ष्मी, मनसा देवी तथा सरस्वती देवी के नाम से जानी जाती हैं। हरियाणा सरकार ने मनसा देवी परिसर को 9 सितम्बर 1991 को माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड का गठन किया और इस मंदिर को अपने हाथ में ले लिया था।
