चंड़ीगढ़ : त्योहारों के सीजन में चंड़ीगढ़ पुलिस ने नकली करेंसी की एक बड़ी खेप पकड़ी और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया। अभी तक कुल 24 लाख 27 हज़ार की नकली करेंसी बरामद हुई है। पिछले दिनों चंड़ीगढ़ में दस लाख की नकली करेसी की डिलीवरी देने आए गौरव और विक्रम नाम के युवकों को एक गुप्त सूचना के आधार पर चंड़ीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इन दोनों से हुई पूछ्ताछ के आधार पर राजस्थान के झालावाड़ में जितेंद्र नामक के व्यक्ति का पता चला जो अपने घर पर फेक करेंसी छापने का काम कर रहा था।
चंड़ीगढ़ पुलिस ने 24 लाख की नकली करेंसी बरामद की
पुलिस ने झालावाड़ से जितेंद्र को भी गिरफ़्तार किया और करेंसी छपाई में इस्तेमाल हो रहे उपकरण भी बरामद कर लिये। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस धंधे की शुरुआत मध्यप्रदेश के रहने वाले एक व्यक्ति प्रमोद काकरे से हुई थी जो मध्यप्रदेश में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। राजस्थान में इन नोटों की छपाई करने वाला जितेंद्र एक बिजनेसमैन है जो बिजनेस में घाटा होने पर इस धंधे में शामिल हुआ।
पुलिस के अनुसार फेंक करंसी की अधिकतर डिलीवरी कोरियर के जरिये होती थी। गौरव और विक्रम को एक लाख रुपये असली करेंसी के बदले तीन लाख की नकली करेंसी प्राप्त होती थी, जो आगे एक लाख असली करेंसी के बदले दो से ढाई लाख नकली करेंसी के हिसाब से सौदा करते थे।
क्या-क्या बरामद
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट छापने के लिये आरोपियों के पास सिक्योरिटी सीट कहां से आती थी। अभी तक इस मामले में कुल 24 लाख 27 हज़ार फेक करंसी पकड़ी जा चुकी है। 24 लाख 27 हजार 700 रुपये है। गिरोह से प्रिंटर, स्याही, कटर, सुरक्षा थ्रेड वाला कागज़ और दो गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। गिरोह का नेटवर्क चंडीगढ़ के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ था।
पुलिस ने तीन आरोपियों गौरव कुमार उर्फ रणजीत, विक्रम मीणा उर्फ विक्की और जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है। गौरव कुमार हिमाचल के मंडी जिले का रहने वाला है, जबकि विक्रम मीणा पंजाब के संगरूर से और जितेंद्र शर्मा राजस्थान के झालावाड़ का रहने वाला है। इनसे नकली नोटों के साथ प्रिंटर, बॉन्ड पेपर और सिक्योरिटी थ्रेड तक बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था।
