Chandigarh: इस देश में एक ऐसा अनोखा गुरुद्वारा है, जहां पर न तो लंगर बनता है और न ही गोलक है। फिर भी इस गुरुद्वारा में आने वाली संगत भूखी नहीं रहती। हम बात कर रहे हैं चंडीगढ़ में स्थित गुरुद्वारा नानकसर की। दरअसल, यह एकमात्र ऐसा गुरुद्वारा है, जहां पर मत्था टेकने आने वाली संगत अपने घर से बना लंगर लेकर आती है। इसमें देशी घी के परांठे, मक्खन, सब्जियां, दाल, फल और मिठाइयां होती है। इस लंगर को ही बाकी की संगतों में बांटा जाता है। इसके बाद जो लंगर बचता है उसे शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में भेज दिया जाता है। गुरुद्वारा नानकसर की यह प्रथा इसके निर्माण के बाद से ही चली आ रही है। इस गुरुद्वारे में लोगों की इतनी श्रद्धा है कि, आज तक कभी किसी संगत को भूखे पेट वापस नहीं जाना पड़ा।
चंडीगढ़ में स्थित गुरुद्वारा नानकसर
