Chandigarh: चंडीगढ़ में अब जोन 1 की सभी पार्किंग हुई फ्री, निगम के 89 पेड पार्किंग में कुछ दिन नहीं देना पड़ेगा शुल्‍क

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 1, 2023, 09:47 PM IST

Chandigarh: चंडीगढ़ नगर निगम की जोन-2 की पेड पार्किंग फ्री होने के बाद आज से जोन-1 की पार्किंग भी फ्री हो गई। शहर के लोग आगामी कुछ दिनों तक इन पार्किंग में अपने वाहन को फ्री पार्क कर सकेंगे। निगम अधिकारियों के अनुसार जब तक टेंडर पक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन पार्किंग को टेंपरेरी चलाने पर विचार हो रहा है।

KEY HIGHLIGHTS
  • आज से जोन-1 की 32 पार्किंग हुई पूरी तरह फ्री
  • जोन-2 की 57 पेड पार्किंग 23 जनवरी से है फ्री
  • नगर निगम सभी पार्किंग को चलाएगा टेंपरेरी रूप से

Chandigarh: चंडीगढ़ के लोगों के लिए वाहन पार्किंग को लेकर एक बड़ी खुशखबरी है। चंडीगढ़ नगर निगम की जोन-1 में मौजूद सभी पेड पार्किंग अब पूरी तरह से फ्री हो गई हैं। आज से इन पार्किंग का कांट्रेक्ट खत्म हो गया है। इससे पहले बीते 23 जनवरी को जोन-2 के पेड पार्किंग का कांट्रेक्ट खत्म हो गया था। ऐसे में अब चंडीगढ़ के अंदर मौजूद निगम के सभी 89 पेड पार्किंग पूरी तरह से फ्री हो चुके हैं। इन पार्किंग में वाहन पार्क करने पर कुछ दिनों तक लोगों को कोई शुल्‍क नहीं देना पड़ेगा। हालांकि इन सभी पार्किंग को टेंपरेरी रूप से शुरू करने के लिए निगम अपने स्टाफ की तैनाती करने का प्रयास शुरू कर दिया है। निगम अधिकारियों के अनुसार आगामी 10 से 15 दिनों में इन पार्किंग में स्‍टॉफ की तैनाती कर दी जाएगी। यह प्रावधान तब तक रहेगा, जब तक निगम दोनों पार्किंग्स को दोबारा कांट्रेक्‍ट पर नहीं दे देता है।

Chandigarh parking

चंडीगढ़ निगम की सभी पार्किंग फ्री (प्रतीकात्मक तस्वीर)

निगम अधिकारियों ने बताया कि, निगम हाउस ने फैसला लिया था कि इस बार सभी 89 पार्किंग का फ्रेश टेंडर निकाला जाएगा। जब तक टेंडर अलॉट नहीं हो जाता, तब तक निगम खुद ही इन पार्किंग को चलाएगा। इस बार में टेंडर में सख्त शर्तों के साथ रिकवरी को मजबूत बनाया जाएगा। बता दें कि इससे पहले भी निगम अपने कर्मियों को पार्किंग में टिकट काटने के ड्यूटी पी लगा चुका है। हालांकि निगम की योजना फ्लॉप रही थी, क्‍योंकि ये कर्मचारी न तो पार्किंग में वाहनों को अच्छे से पार्क करवा पाते थे और न ही पार्किंग स्लिप काटने में सख्ती दिखाते थे। जिससे निगम को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था। हालांकि इसके बाद भी निगम इस बार हार्टिकल्चर, रोड विंग और अन्य विभागों के कर्मियों की तैनाती पर विचार कर रहा है।

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