Chandigarh Cyber Crime: चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम थाने ने 34 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर इम्पर्सनेशन (छद्म पहचान) के जरिए 1.3 करोड़ रुपये का धोखा देने का आरोप है। यह कार्रवाई साइबर क्राइम की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल, डीएसपी ए. वेंकटेश और इंस्पेक्टर इरम रिजवी, एसएचओ, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, सेक्टर 17, चंडीगढ़ के सुपरविजन में की गई।
1.3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में ठग गिरफ्तार (फोटो: ANI)
आरोपी की पहचान जोशुआ ऑस्कर नेविस, मुंबई निवासी के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें भेजने वाले ने उनके नियोक्ता का भेष धारण कर उनसे एक नए प्रोजेक्ट के लिए अग्रिम भुगतान के रूप में तुरंत पैसा ट्रांसफर करने को कहा। संदेश को वास्तविक समझकर शिकायतकर्ता ने 1.3 करोड़ रुपये जोशुआ ऑस्कर नेविस के नाम पर ICICI बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि पूरी ट्रांजेक्शन धोखाधड़ी थी।
ऐसे हुई धोखाधड़ी
एफआईआर 20 अप्रैल को धाराओं 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज कराने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मुंबई, महाराष्ट्र में छापेमारी की और 13 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नेविस ने बताया कि वह टेलीग्राम के जरिए एक व्यक्ति से संपर्क में आया और उसने उसे दूसरे व्यक्ति से मिलवाया। आरोपी ने आगे बताया कि उसने अपना ICICI बैंक अकाउंट किट, चेक बुक, डेबिट कार्ड और रजिस्टर्ड सिम कार्ड इस व्यक्ति को दे दिए, जिसने इन्हें उपयोग कर धोखाधड़ी की।
सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों का पता लगाने और उनके समान साइबर अपराधों में शामिल होने की भूमिका स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नेविस फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उनसे और जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ की जा रही है। चंडीगढ़ पुलिस ने जनता को चेतावनी भी दी है कि ऐसे धोखाधड़ी वाले मामलों में सावधान रहें।
न बनें इम्पर्सनेशन स्कैम का शिकार
पुलिस ने लोगों से अपील की कि रिश्तेदारों, कूरियर कंपनियों, नारकोटिक्स अधिकारियों या पुलिसकर्मियों के भेष में आने वाले इम्पर्सनेशन स्कैम का शिकार न बनें। किसी भी सत्यापन, गिरफ्तारी से बचने या झूठे मामले निपटाने के लिए पैसे ट्रांसफर करने से बचें और संदिग्ध कॉल की पुष्टि स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर करें।
