पंजाब की भगवंत मान सरकार ने साल 2023-24 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। सरकार ने शराब कारोबार में स्थिरता बरकरार रखने और पिछले सालों में शुरू हुए सुधारों को जारी रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पंजाब में नई आबकारी नीति लागू
कई अहम सुधार
मौजूदा रिटेल लाइसैंसों के नवीनीकरण के लिए परचून बिक्री लाइसेंस एल-2/एल-ए की पेशकश की जा रही है। इस नीति के अंतर्गत साल 2023-24 के दौरान 1004 करोड़ रुपए के वृद्धि के साथ 9754 करोड़ रुपए एकत्रित करने का लक्ष्य है। बीयर बार, हार्ड बार और क्लबों द्वारा बेची जा रही शराब पर लग रहे वैट को घटाकर 13 प्रतिशत और 10 प्रतिशत सरचार्ज किया गया है।
कई बड़े बदलाव
ग्रुप का बदलाव एक आबकारी साल में 10 लाख रुपए और शर्तें पूरी करने पर केवल एक बार करने की इजाज़त होगी। एल-50 पर्मिट की सालाना फीस 2500 से घटाकर 2000 रुपए और जीवन भर के लिए एल-50 पर्मिट की फीस 20 हज़ार से घटाकर 10 हज़ार रुपए कर दी गई है। जीवन भर के लिए एल-50 पर्मिट जारी करने के लिए लगने वाली लगातार तीन सालों तक सालाना एल-50 लाइसेंस जारी होने की शर्त को भी ख़त्म कर दिया गया है।
एक और पॉलिसी को मंजूरी
राज्य के लोगों को एक बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने राज्य के लोगों को सस्ती दरों पर रेत और बजरी उपलब्ध कराने के लिए 'पंजाब स्टेट माइनर मिनरल पॉलिसी-2023' को भी मंज़ूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य भर में रेत और बजरी का खनन पारदर्शी और कानूनी तरीके से किया जाए ताकि मांग पर पर्याप्त मात्रा में रेत और बजरी उपलब्ध हो सके।
