Champat Rai Kanpur Statement: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। कानपुर के बीएनएसडी कॉलेज में अशोक सिंघल जन्मशताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में ऐसे कई लोग आए जिन्होंने राम जन्मभूमि के नाम पर पैसा कमाया और चले गए। मंच से बोलते हुए उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के शुरुआती दिनों और स्वर्गीय अशोक सिंघल से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रसंगों को भी उजागर किया।
'राम जन्मभूमि के नाम पर कई लोग पैसा कमाकर चले गए': कानपुर में चंपत राय का तीखा बयान
'इंदिरा गांधी के कहने पर पीछे हटने' की बात पर दाऊदयाल खन्ना ने छोड़ी था कांग्रेस
चंपत राय ने 6 मार्च 1983 की ऐतिहासिक घटना को साझा करते हुए बताया कि राम मंदिर आंदोलन को वास्तव में गति कैसे मिली:
मुरादाबाद में मुलाकात: विहिप के तत्कालीन वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल मुरादाबाद में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता दाऊदयाल खन्ना से मिलने पहुंचे थे।
अशोक सिंघल की चुनौती: अशोक सिंघल ने उनसे स्पष्ट शब्दों में कहा, 'बाबूजी, हम तो आंदोलन में आगे बढ़ जाएंगे, लेकिन अगर आपको इंदिरा गांधी (तत्कालीन प्रधानमंत्री) बुलाकर कह देंगी तो आप पीछे हट जाओगे।'
तत्काल दिया इस्तीफा: अशोक सिंघल की इस बात से स्वाभिमानी दाऊदयाल खन्ना ने तुरंत कांग्रेस पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया।
चंपत राय के अनुसार, इस घटना और दाऊदयाल खन्ना के कांग्रेस छोड़ने के फैसले के बाद ही राम जन्मभूमि आंदोलन को एक नई राजनीतिक और सामाजिक दिशा मिली, जिससे आंदोलन पूरे देश में तेजी से फैल सका।
अशोक सिंघल ने साधु-संतों को एक मंच पर खड़ा किया
विहिप नेता चंपत राय ने स्वर्गीय अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए कहा कि 1984 में धर्म संसद के शंखनाद से लेकर शिलापूजन और कारसेवा तक, उनका हर पल प्रभु श्रीराम के कार्य को समर्पित रहा। उन्होंने न केवल देशभर के साधु-संतों को एक मंच पर एकजुट किया, बल्कि समाज में सामाजिक समरसता और आत्मविश्वास भी जगाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने भी मंच से चंपत राय और विहिप के प्रयासों का समर्थन किया।
