Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का तेज बहाव आने से अफरा-तफरी मच गई। टनल के भीतर काम कर रहे कई मजदूर पानी के तेज प्रवाह के कारण अंदर ही फंस गए। यह निर्माण कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) कंपनी द्वारा किया जा रहा था।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। अभी तक 5 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य 13 मजदूरों को बाहर निकालने की कवायद जारी है।
CM धामी ने हादसे पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन समेत सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाव अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और मौके की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं।
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टनल में कितने मजदूर कर रहे थे काम
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के वक्त टनल के अंदर कुल 18 मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, ''अब तक 7 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। इनमें से दो मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य को अस्पताल ले जाने के लिए मौके पर एंबुलेंस तैनात कर दी गई हैं। टनल के अंदर फंसे बाकी 11 मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।"
तेजी से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
चमोली के डीएम गौरव कुमार ने बताया कि हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए बन रही टनल में शाम करीब 6:30 या 6:45 बजे अचानक मलबा और पानी आया। जिसकी वजह से ड्यूटी पर मौजूद मजदूर अंदर फंस गए... एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें हमारी सारी मशीनरी के साथ फंसे हुए लोगों को बचाने में जुटी हैं। हमें उम्मीद है कि हम अगले कुछ घंटों में सभी को बचा लेंगे।
