CBI Bribery Case Guwahati: सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी निदेशक और क्षेत्रीय अधिकारी मैसनम रितेन कुमार सिंह को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। उनके साथ कोलकाता के व्यापारी बिनोद कुमार जैन, जो एम/एस मोहन लाल जैन कंपनी के प्रतिनिधि हैं, को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह रिश्वत एक निजी कंपनी की ओर से असम में एनएच-37 (डेमो से मोरन बाईपास तक) के चार लेन प्रोजेक्ट के लिए समय विस्तार (EOT) और पूर्णता प्रमाणपत्र (Completion Certificate) प्राप्त करने में आसानी के लिए दी जा रही थी।
CBI ने रिश्वत मामले में NHIDCL के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर को किया गिरफ्तार
इस तरह से हुई कार्रवाई
सीबीआई ने 14 अक्टूबर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर कार्रवाई की और उसी दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ लिया, जब रितेन कुमार सिंह रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने देशभर में आरोपी अधिकारी और उससे जुड़े लोगों के सात ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान सीबीआई को 2 करोड़ 62 लाख रुपये नकद, नौ जमीनों के दस्तावेज, 20 फ्लैट्स और कई लग्जरी वाहनों के कागजात मिले। ये सभी संपत्तियां रितेन कुमार सिंह और उनके परिजनों के नाम पर दर्ज हैं।
लंबे समय से चल रहा था रिश्वत वसूलने का खेल
सूत्रों के अनुसार, आरोपी अधिकारी लंबे समय से सरकारी परियोजनाओं में ठेकेदारों से एक्सटेंशन और अप्रूवल के बदले भारी रिश्वत वसूल करता था। एजेंसी को संदेह है कि उसने अन्य प्रोजेक्ट्स में भी इसी तरह की अनियमितताएं की हैं। दोनों आरोपियों को गुवाहाटी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियों और बैंक खातों की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध कमाई से कुल कितनी संपत्ति अर्जित की गई है।
